नेपियर के मैक्लीन पार्क पर तीसरे दिन के स्कोर एक विकेट पर 47 रन से आगे खेलते हुए द्रविड़ और गौतम गंभीर ने सधी शुरुआत दी। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 124 रनों की साझेदारी की। द्रविड़ 62 रनों के स्कोर पर डेनियल विटोरी का शिकार बन गए। उन्होंने अपनी 62 रनों की सूझबूझ भरी पारी में 220 गेंदों का सामना किया। द्रविड़ ने छह चौके और एक छक्का भी लगाया।
द्रविड़ के आउट होने के बाद गंभीर और सचिन ने भी बेहतरीन तालमेल और धैर्य का परिचय दिया। दोनों ने चौथे दिन न सिर्फ तीसरे विकेट के लिए 89 रनों की साझेदारी की बल्कि पारी की हार के संकट को भी काफी हद तक कम कर दिया। गंभीर 102 और सचिन 58 रन बनाकर नाबाद हैं।
चौथे दिन की सबसे बड़ा आकर्षण गंभीर की शतकीय पारी रही। गंभीर की इस पारी की अहमियत इसलिए भी ज्यादा हो जाती है कि उन्होंने अपने अंदाज से पूरी तरह उलट बल्लेबाजी की और यही टीम व समय की मांग भी थी। गंभीर ने 102 रन बनाने के लिए 290 गेंदों का सामना किया। उन्होंने अपनी पारी में 14 चौके जड़े। 24वां टेस्ट खेल रहे गभीर के करियर का यह पांचवां शतक था।
इससे पहले तीसरे दिन फालोऑन मिलने के बाद भारतीय टीम दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का विकेट जल्दी ही खो दिया था। सहवाग 21 गेंदों में 22 रन बनाकर जीतन पटेल का शिकार बन गए थे।
तीसरे दिन कीवी टीम की पहली पारी के 619 रनों के जवाब में भारत की पहली पारी 305 रनों पर सिमट गई और वह फालोऑन बचाने में नाकाम रहा था। भारतीय टीम ने तीसरे दिन सचिन, द्रविड़, वी.वी.एस. लक्ष्मण और युवराज सिंह का विकेट थोड़े-थोड़े अंतराल पर खो दिया था। लक्ष्मण 76, द्रविड़ 83 और सचिन 49 रनों की पारी खेल कर आउट हुए थे।
उधर, जेस राइडर के दोहरे शतक और रॉस टेलर व ब्रैंडन मैक्कलम की शतकीय पारियों की बदौलत कीवी टीम ने मैच के दूसरे दिन ही अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 619 रनों के स्कोर पर घोषित की थी।
उल्लेखनीय है कि भारत पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से जीतकर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बनाए हुए है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।