पीटरसन ने कहा कि उनके उस बयान को लेकर काफी हो-हंगामा मचा हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह वेस्टइंडीज दौरे के मध्य में ही स्वेदश लौट जाना चाहते हैं लेकिन कोई इस बयान के पीछे के मर्म को नहीं समझ रहा है।
पीटरसन ने कहा, "कोई यह समझने की कोशिश नहीं कर रहा है कि मैंने ऐसा क्यों कहा। मैं कप्तानी गंवाने और टीम के लगातार पराजय के कारण बेहद निराश था। मैं यह ईमानदारी से स्वीकार करता हूं कि मैंने हालात से परेशान होकर बयान दिया लेकिन इससे टीम के प्रति मेरे समर्पण में कोई कमी नहीं आई है। मैं पहले की तरह ही अपनी टीम का हिस्सा हूं।"
पीटरसन ने कहा कि इंग्लैंड के लिए खेलना उनका एक सपना था और उन्हें हर दिन इस बात का सुखद अहसास होता है।
बकौल पीटरसन, "मेरे लिए इंग्लैंड के लिए खेलना सपने के सच होने जैसा है। मैं रोजाना इस हकीकत को महसूस करता हूं। मैं इस टीम के प्रति अपनी ईमानदारी और समर्पण में कोई कमी नहीं आने दूंगा। मैं टीम और कप्तान के साथ हूं। मैं रोजाना कोच, कप्तान और साथियों की मदद के लिए तत्पर रहता हूं। मुझे इस खेल से लगाव है और यही कारण है यह लगाव लोगों के प्रति मेरे व्यक्तिगत व्यवहार में दिखता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।