पाकिस्तान के समाचार पत्र 'डेली टाइम्स' ने लिखा है कि मियांदाद चाहे जितने दावे करें कि उन्होंने पिछली बार कम वेतन के कारण पीसीबी का साथ नहीं छोड़ा था लेकिन अब यह साफ हो गया है कि उनके इस्तीफे की असल वजह कम वेतन ही थी।
पिछली बार पीसीबी ने उन्हें पांच लाख रुपये प्रतिमाह वेतन पर महानिदेशक नियुक्त किया था लेकिन वह इससे संतुष्ट नहीं थे। हाल ही में पीसीबी अध्यक्ष एजाज बट्ट से मुलाकात के दौरान मियांदाद ने अतिरिक्त वेतन की मांग की थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
पत्र के मुताबिक मियांदाद पीसीबी के सभी अधिकारियों से अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं। वेतन के साथ-साथ मियांदाद ने अपने अधिकार बढ़ाने की भी मांग की थी, जिसे बट्ट ने स्वीकार कर लिया।
पत्र लिखता है कि मियांदाद ने बट्ट से 16 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन की मांग की थी लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। पत्र ने बट्ट के हवाले से लिखा है, "पीसीबी किसी भी सूरत में मियांदाद को 16 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन देने की स्थिति में नहीं है। मैं एक खिलाड़ी के तौर पर उनकी बहुत इज्जत करता हूं लेकिन हम उन्हें इतना अधिक वेतन नहीं दे सकते।"
मंगलवार को पीसीबी महानिदेशक पद पर दोबारा आसीन होने के बाद मियांदाद ने पत्रकारों से कहा था कि उन्होंने कम वेतन के कारण जनवरी में इस्तीफा नहीं दिया था। मियांदाद ने कहा था कि वह अपनी जिम्मेदारियों से संतुष्ट नहीं थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।