वेलिंग्टन, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम जब शुक्रवार को तीसरे टेस्ट मैच के लिए बेसिन रिजर्व मैदान पर उतरेगी तब उसे इस बात का अच्छी तरह अहसास होगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ यहां उसका रिकार्ड अच्छा नहीं रहा है।
इस मैदान पर भारत को चार बार हार और एक बार जीत मिली है। पिछले चार मौकों पर भारतीय टीम इस मैदान पर एक भी जीत हासिल नहीं कर सकी है। नेपियर में तीन दिनों तक विकेट पर लंगर डालकर भारतीय बल्लेबाजों ने भले ही हार को परे धकेल दिया लेकिन वेलिंग्टन में उन्हें खराब रिकार्ड के साथ मौसम की 'तुनकमिजाजी' से भी संघर्ष करना होगा।
इस मैच को जीतकर भारतीय टीम न्यूजीलैंड में 41 साल बाद टेस्ट श्रृंखला जीतने का कारनामा कर सकती है। भारत ने 1968 में न्यूजीलैंड में पहली टेस्ट श्रृंखला जीती थी। विदेशी धरती पर यह भारतीय टीम की पहली जीत थी। हेमिल्टन में जीत हासिल करने के साथ भारतीय टीम तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल कर चुकी है।
मैक्लीन पार्क की पिच पर 1400 रन बने। इसमें एक दोहरा शतक, चार शतक और सात अर्धशतक शामिल हैं लेकिन बेसिन रिजर्व मैदान पर भारत को बदले हुए माहौल का सामना करना पड़ सकता है। सबसे खास बात यह है कि इस मैदान पर सचिन तेंदुलकर को छोड़कर दूसरे कोई मौजूदा बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सका है।
वैसे तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, जहीर खान और वी.वी.एस. लक्ष्मण को छोड़कर भारतीय टीम के अन्य किसी खिलाड़ी ने इस मैदानर पर अब तक टेस्ट नहीं खेला है।
इस मैदान पर तेंदुलकर ने दो मैचों की चार पारियों में 54.75 के औसत से 219 रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 113 रन रहा है। उन्होंने इस मैदान पर एक शतक और एक अर्धशतक लगाया है। जहां तक द्रविड़ की बात है तो उन्होंने इस मैदान पर दो मैचों की चार पारियों में 111 रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 76 रन रहा है। सहवाग ने इस मैदान पर दो पारियों में सिर्फ 14 रन ही जुटा सके हैं।
इसके अलावा, बेसिन रिजर्व में भारतीय टीम को कंपकंपाती ठंड का सामना करना होगा। साथ ही यहां बारिश की आशंका भी बनी रहेगी और तेज हवाएं भी चलेंगी। भारतीय टीम इस मौसम में अभ्यास कर रही है। पिछले दो दिनों में बेसिन रिजर्व में पारा जहां 10 डिग्री सेल्सियस तक रहा वहीं हवा की रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे रही।
भारतीय टीम के कप्तान गैरी कर्स्टन ने कहा है कि उनके खिलाड़ी बेसिन रिजर्व के मौसम के साथ तालमेल बना चुके हैं। बकौल कर्स्टन, "भारतीय खिलाड़ियों के लिहाज से यहां ठंडा थोड़ा ज्यादा है लेकिन मैं जानता हूं कि उन्हें ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। हवा हमारे लिए फायदेमंद साबित हो सकती है क्योंकि हमारी रणनीति इसी पर आधारित होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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