गंभीर ने तीन मैचों की छह पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए जहां सर्वाधिक 445 रन बटोरे वहीं हरभजन ने तीन मैचों में 21.37 के औसत से 16 विकेट अपने नाम किए।
गंभीर ने 89.00 की औसत से रन बटोरे। इसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल है। उनका सर्वोच्च स्कोर 167 रन रहा, जो उन्होंने वेलिंग्टन टेस्ट की दूसरी पारी में बनाया। पूरी श्रृंखला के दौरान गंभीर ने 54 चौके और दो छक्के लगाए।
इसी श्रृंखला के दौरान गंभीर ने शुरुआती 25 टेस्ट मैचों में भारत के लिए सबसे अधिक रन बनाने का पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का रिकार्ड तोड़ा।
गेंदबाजी में अपना कमाल दिखाने वाले हरभजन ने श्रृंखला के दौरान 2.31 रन प्रति ओवर रन दिए। हेमिल्टन टेस्ट मैच में उन्होंने 63 रन देकर छह विकेट अपने नाम किए थे। इस श्रृंखला में यह उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन रहा।
साथ ही वह इस श्रृंखला की किसी एक पारी में छह विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। गेंदबाजी के अलावा हरभजन ने बल्लेबाजी में भी हाथ दिखाते हुए एक अर्धशतक की मदद से 94 रन जुटाए।
बल्लेबाजों में दूसरे क्रम पर सचिन तेंदुलकर रहे। तेंदुलकर ने तीन मैचों की पांच पारियों में 68.80 के औसत से 344 रन बटोरे। इसमें एक शतक तथा दो अर्धशतक शामिल हैं।
इस सूची में न्यूजीलैंड के जेस राइडर (327 रन, दो शतक), रॉस टेलर (322 रन, दो शतक), राहुल द्रविड़ (314 रन, चार अर्धशतक), वी.वी.एस. लक्ष्मण (295 रन, एक शतक, दो अर्धशतक) शामिल हैं।
गेंदबाजों की सूची में हरभजन के बाद न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज क्रिस मार्टिन का नाम है। मार्टिन ने तीन मैचों में 14 विकेट लिए। इसके बाद भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज जहीर खान का नाम है। जहीर ने तीन मैचों में 13 विकेट लिए हैं जबकि न्यूजीलैंड के इयान ओ' ब्रायन ने नौ तथा भारत के ईशांत शर्मा ने आठ विकेट अपने नाम किए हैं।
हरफनमौला खिलाड़ियों में न्यूजीलैंड के कप्तान डेनियल विटोरी सबसे आगे रहे। विटोरी ने जहां तीन मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक की मदद से 220 रन बनाए वहीं उनके नाम सात विकेट भी दर्ज हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।