पीटरसन को राहुल द्रविड़ के स्थान पर टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। टूर्नामेंट के पहले संस्करण में रॉयल चैलेंजर्स टीम सातवें स्थान पर रही थी। अब उसकी निगाह आठ टीमों के इस टूर्नामेंट में अपनी स्थिति बेहतर करने पर है और इस सफर में पीटरसन की सफलता उसके लिए काफी मायने रखेगी।
पीटरसन के अलावा रॉयल चैलेंजर्स को द्रविड़, जैक्स कालिस, मार्क बाउचर और वसीम जाफर से काफी उम्मीदें होंगी। इसके अलावा टीम को रॉस टेलर, रोबिन उथप्पा, जेसी राइडर, कैमरून व्हाइट, प्रवीण कुमार और नेथन ब्रेकन के चमकने से भी फायदा हो सकता है।
पहले संस्करण की नाकामी से नाराज टीम के मालिक विजय माल्या ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी चारू शर्मा को बाहर का रास्ता दिखाया था। इसके बाद माल्या ने पीटरसन को अपनी टीम में शामिल किया और द्रविड़ के स्थान पर उन्हें कप्तान बना दिया।
पीटरसन को हासिल करने के लिए माल्या ने 15.5 लाख डॉलर खर्च किए थे। पीटरसन आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी के तौर पर उभरे थे। ऐसे में माल्या हर हाल में अपनी टीम को जीतते देखना चाहेंगे।
आईपीएल का दक्षिण अफ्रीका स्थानांतरित होना रॉयल चैलेंजर्स टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि उसकी टीम में चार ऐसे खिलाड़ी हैं जो दक्षिण अफ्रीका के हैं। इन खिलाड़ियों को यहां के हालात का अच्छा अनुभव है और इसी अनुभव के दम पर वे अपनी टीम को सफलता दिला सकते हैं।
ये पांच खिलाड़ी हैं डेल स्टेन, कालिस, बाउचर, रुएलोफ वान डेर मर्व और डिल्लन ड्यू प्रीज। इसके अलावा टीम के कोच रे जेनिंग्स भी दक्षिण अफ्रीका के ही हैं।
टीम इस प्रकार है : केविन पीटरसन (कप्तान), रॉस टेलर, वसीम जाफर, राहुल द्रविड़, रोबिन उथप्पा, मनीष पांडेय, जेसी राइडर, मार्क बाउचर, श्रीवत्स गोस्वामी, डिल्लन ड्यू प्रीज, जैक्स कालिस, रुएलोफ वान डेर मर्व, कैमरून व्हाइट, विराट कोहली, प्रवीन कुमार, बालचंद्र अखिल, डेल स्टेन, नेथन ब्रेकन, पंकज सिंह, अनिल कुंबले, टीनू योहानन और विजय कुमार।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।