कैलिस को दो साल पहले दक्षिण अफ्रीका में खेले गए ट्वेंटी-20 विश्व कप के पहले संस्करण के लिए टीम में जगह नहीं मिली थी। उस समय वह राजनीति का शिकार हुए थे लेकिन इस बार उनका रास्ता साफ दिख रहा है।
क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) के चयनकर्ताओं का मानना है कि क्रिकेट के सबसे संक्षिप्त स्वरूप में कालिस की प्रतिभा का दोहन नहीं हुआ है।
वैसे ट्वेंटी-20 के लिहाज से कालिस के पास अनुभव काफी कम है। वर्ष 2005 के बाद से उन्होंने अपने देश के लिए सिर्फ चार ट्वेंटी-20 मैच खेले हैं लेकिन टेस्ट तथा एकदिवसीय मैचों के रिकार्ड को देखते हुए इस साल उन्हें नजरअंदाज कर पाना बेहद कठिन होगा।
चयनकर्ता जानते हैं कि कालिस को टीम में शामिल करने से उन्हें एक स्तरीय बल्लेबाज और एक उम्दा गेंदबाज मिल जाएगा। दो कामों के लिए एक खिलाड़ी को टीम में जगह देकर वे कोई और संभावना तलाश सकते हैं।
मौजूदा समय में कालिस के पास अपनी गेंदबाजी से चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का मौका है क्योंकि मखाया नतिनी और मोर्नी मोर्कल जैसे विशेषज्ञ ट्वेंटी-20 गेंदबाज टीम में नहीं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।