दूसरी ओर, मोहन बागान की टीम दूसरे स्थान पर रही। दिल्ली के अंबेडकर स्टेडियम में खेले गए अपने आखिरी मैच में उसे महिंद्रा युनाइटेड के हाथों 1-2 से हार झेलनी पड़ी।
बागान और युनाइटेड का मुकाबला पहले खेला गया था। इस लिहाज से चर्चिस ब्रदर्स अपनी खिताबी जीत को लेकर आश्वस्त हो गया था क्योंकि उसे सिर्फ बागान से ही सीधी टक्कर मिल रही थी।
लीग मैचों से चर्चिल ब्रदर्स ने कुल 46 अंक जुटाए जबकि बागान की टीम 43 अंक ही जुटा सकी। अंतिम लीग मैच में चर्चिल के लिए ओदाफे ओकोली ने 8वें और 84वें मिनट में गोल किए। नाइजीरिया के इस खिलाड़ी ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान सर्वाधिक 26 गोल किए।
इसके अलावा फेलिक्स चिमाओकोउ ने 61वें मिनट, खान थान पेटी ने 63वें मिनट और नाओबा सिंह ने 88वें मिनट में गोल किए। स्पोर्टिग के खिलाड़ी वसीम फिरोज ने पांचवें मिनट में अपने ही गोलपोस्ट में गोल दागकर चर्चिल को तोहफा दिया था।
गोवा का स्पोर्टिग क्लब डी गोवा तीसरे स्थान पर रहा। उसने गुड़गांव में खेले गए मुकाबले में एअर इंडिया को 3-1 से पराजित किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।