स्थानीय किंग्समीड स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मुकाबले को जीतकर दोनों ही टीमें जीत का खाता खोलना चाहेंगी। पहले मुकाबले में जहां नाइट राइर्ड्स को डेक्कन चार्जर्स के हाथों आठ विकेट से शिकस्त मिली थी वहीं किंग्स इलेवन टीम को दिल्ली डेयर डेविल्स ने 10 विकेट से हराया था।
नाइट राइर्ड्स को अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी सुधार की जरूरत है जबकि किंग्स इलेवन को अपने स्टार खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
रविवार को डेक्कन चार्जर्स के साथ हुए मुकाबले में कोलकाता टीम के प्रमुख बल्लेबाजों ने अपनी छवि के अनुकूल प्रदर्शन नहीं किया। इस कारण वह प्रतिद्वंद्वी टीम के सामने महज 102 रनों का ही लक्ष्य रख सकी थी। इस ट्वेंटी-20 क्रिकेट को देखते हुए काफी आसान लक्ष्य कहा जा सकता है।
हालांकि तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने पहले मैच में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया था लेकिन वह विकेट हासिल करने में नाकाम रहे। अशोक डिंडा हमेशा की तरह प्रभावशाली रहे लेकिन इस टीम को शोएब अख्तर जैसे गेंदबाज की कमी साफ दिख रही थी।
बल्लेबाजी में मैक्लम, सौरव गांगुली, क्रिस गेल और लक्ष्मी रतन शुक्ला जैसे खिलाड़ियों को अपनी चमक दिखानी होगी क्योंकि पहले मैच में बल्लेबाजों की नाकामी के कारण ही कोलकाता की टीम को हार झेलनी पड़ी थी।
दूसरी ओर, किंग्स इलेवन को मध्यक्रम के बल्लेबाजों से रनों की अपेक्षा होगी। पहले मैच में कुमार संगकारा, माहेला जयवर्धने, इरफान पठान और यहां तक की कप्तान युवराज भी नाकाम रहे थे।
गेंदबाजी में किंग्स इलेवन को निसंदेह ब्रेट ली, शांताकुमारन श्रीसंत और ड्वेन टेलर जैसे खिलाड़ियों की कमी खल रही है। इन खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में उसका गेंदबाजी आक्रमण काफी कमजोर हो गया है। इरफान और पीयूष चावला को छोड़कर उसके किसी गेंदबाज को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का विशेष अनुभव नहीं है।
कुल मिलाकर कोलकता और पंजाब की टीमों के बीच एक रोमांचक मैच देखने को मिलेगा क्योंकि दोनों ही टीमें पिछले साल की नाकामी को भुलाकर इस साल अंतिम चार में स्थान बनाना चाहेंगी और इसके लिए जीतते रहना अनिवार्य है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।