पाकिस्तान के समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक पीसीबी ने एक पत्र के जरिए आसिफ को बकाया राशि का भुगतान करने को कहा है। पीसीबी का दावा है कि उसने आसिफ का केस लड़ने के लिए दुबई स्थित एक वकील को 57 लाख रुपये बतौर फीस दिए थे।
पीसीबी ने कहा है कि इस मामले की देखरेख के लिए उसने अपने मानव संसाधन विकास निदेशक नदीम अकरम को उस दौरान दुबई भेजा था, जिसके लिए उसे साढ़े सात लाख रुपये खर्च करने पड़े थे।
पीसीबी के मुताबिक उसने अकरम को दुबई में रहने के लिए साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे जबकि इस मामले की देखरेख के लिए पीसीबी के वकील तफाज्जुल हुसैन रिजवी को भी तीन लाख रुपये दिए गए थे।
इस मामले को लेकर पीसीबी आसिफ के खिलाफ सख्ती भी बरत सकता है क्योंकि इससे पहले दी गई सूचना के बाद आसिफ ने यह रकम लौटाने से इंकार कर दिया था। आसिफ ने कहा था कि पीसीबी द्वारा दुबई स्थिति वकील को 57 लाख रुपये बतौर फीस देने की बात गलत है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल जून में आसिफ को दुबई पुलिस ने मादक पदार्थ रखने के आरोप में हिरासत में लिया था। आसिफ को 19 दिन हिरासत में बिताने पड़े थे। इस मामले में आसिफ दोषी करार दिए गए थे। उनके पास से अफीम पकड़ी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।