गिल ने एक बयान जारी कर कहा, "मुझे खेद है कि टीए अपनी टीम चेन्नई नहीं भेजेगा। मैं मार्च महीने में आस्ट्रेलिया के राष्ट्रमंडल खेल और ओलंपिक से जुड़े लोगों से मिलने मेलबर्न और सिडनी गया था। मैंने वहां सभी वरिष्ठ लोगों से बातचीत की थी। ऐसे में आस्ट्रेलिया का चेन्नई में न खेलने के फैसले का कोई औचित्य नहीं हो सकता।"
उन्होंने कहा, "हम सुरक्षा चिंताओं के प्रति पूरी तरह सचेत हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने उन्हें पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया था। आजादी के बाद से हमारे यहां सभी खेल आयोजन बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुए हैं। हमारे भरोसे को आईटीएफ ने भी संतोषजनक पाया है।"
गौरतलब है कि टीए ने सुरक्षा कारणों से चेन्नई में आठ से 10 मई को होने वाले डेविस कप मुकाबले के लिए अपनी टीम नहीं भेजने का फैसला किया है।
टीए की ओर से शनिवार को की गई इस घोषणा से उसकी टीम को डेविस कप से एक साल के लिए निलंबित किया जा सकता है और उसे 100,000 डॉलर का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि टीए ने अंतर्राष्ट्रीय टेनिस संघ (आईटीएफ) बोर्ड से अपील की थी कि डेविस मुकाबला भारत से बाहर कराया जाए लेकिन बोर्ड ने उसकी अपील खारिज कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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