इसके अलावा आईसीसी ने पाकिस्तान की मेजबानी छीने जाने के बाद उसके हिस्से आने वाले 14 मैचों का एक बड़ा हिस्सा भारत के नाम कर दिया है। 2011 विश्व कप के अंतर्गत कुल 49 मैच खेले जाने हैं, जिनमें से 29 मैच भारत में होंगे।
आईसीसी ने साफ किया कि उपमहाद्वीप के तीन देशों में खेले जाने वाले विश्व कप का खिताबी मुकाबला भी भारत में ही खेला जाएगा। पहले यह मैच पाकिस्तान में होना था।
मंगलवार को मुंबई में विश्व कप आयोजन समिति की बैठक में पाकिस्तान के किसी भी प्रतिनिधि ने हिस्सा नहीं लिया। आईसीसी द्वारा पाकिस्तान से मेजबानी छीने जाने के बाद अब विश्व कप की मेजबानी भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश साथ मिलकर करेंगे।
बैठक में फैसला लिया गया कि भारत आठ आयोजन स्थलों पर कुल 29 मैचों का आयोजन कराएगा जबकि श्रीलंका के हिस्से में एक सेमीफाइनल सहित 12 मुकाबले और बांग्लादेश के हिस्से आठ मुकाबले आए हैं। विश्व कप का उद्घाटन 18 फरवरी को होगा।
श्रीलंका में होने वाले मैच तीन आयोजन स्थलों पर खेले जाएंगे। बांग्लादेश में दो स्थानों पर मैच आयोजित होंगे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पाकिस्तान में फाइनल सहित कुल 14 मुकाबले खेले जाने थे। क्वार्टर फाइनल मुकाबले तीनों मेजबानों के बीच बांटे जाएंगे। बांग्लादेश में दो क्वार्टर फाइनल मैच होंगे।
आईसीसी ने 18 अप्रैल को दुबई में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पाकिस्तान से विश्व कप की मेजबानी छीन ली थी। आईसीसी ने कहा था कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान में मैच कराना सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं होगा।
पाकिस्तान के बैंक अधिकारी सलमान बट्ट को आयोजन समिति का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया था लेकिन अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी को यह जिम्मेदारी दी गई है।
2011 विश्व कप आयोजन समिति के अध्यक्ष आईसीसी के उपाध्यक्ष और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार हैं। इस समिति में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी महबूब आलम, बीसीसीआई के सचिव एन. श्रीनिवासन, श्रीलंका के दिलीप मेंडिस और रत्नाकर शेट्टी शामिल हैं।
आईसीसी ने बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और अपने विशेष सलाहकार आई.एस. बिंद्रा को 2011 विश्व कप के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है। भारतीय उपमहाद्वीप में इससे पहले 1996 विश्व कप का आयोजन हो चुका है। उस समय भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश ने मिलकर इसकी मेजबानी की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।