आईपीएल के मेजबान शहरों के पास स्थित चार स्कूलों, जहां नेत्रहीन और बधिर छात्रों की संख्या बड़ी है, को इसकी कमाई का लाभ मिलेगा। इन स्कूलों को 100,000 लाख रैंड के विशेष छात्रवृति कार्यक्रम के तहत वित्तीय मदद मिलेगी। थाबा नचू के बार्टिमिया कंबाइंड स्कूल के 446 छात्र इससे लाभान्वित होंगे। इनमें से कई नेत्रहीन और बधिर हैं।
स्कूल की प्रधानाध्यापिका जॉयस थोपेला कहती हैं, "हमारे स्कूल के विकलांग बच्चों के लिए संसाधन की कमी है। ऐसे में उनकी पढ़ाई बाधित होती है। कुछ छात्र तो कटा-कटा महसूस करते हैं। आईपीएल की इस मदद से हम ऐसे छात्रों के लिए बै्रल मशीन खरीदेंगे और उनके लिए विशेष पठन सामग्री की भी व्यवस्था की जाएगी। इनके लिए एक सांकेतिक पुस्तक की भी जरूरत है, ताकि वे खुद को अभिव्यक्त कर सकें। ऐसी पुस्तक हम इन बच्चों के अभिभावकों को भी देंगे, ताकि घर पर वे बच्चों के साथ बेहतर ढंग से संवाद कायम कर सकें।"
उन्होंने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि आईपीएल की ओर से यह मदद उनके स्कूल के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्कूल को कोष इकट्ठा करने में भारी संघर्ष करना पड़ता रहा है।
थोपेला ने कहा कि इस स्कूल में गरीबों के बच्चों की संख्या ज्यादा है, ऐसे में स्कूल को अभिभावकों से कोष इकट्ठा करने में काफी मुश्किले आती हैं। उनका मानना है कि आईपीएल की इस पहल से दूसरे खेल आयोजकों को भी इस तरह की मदद की प्रेरणा मिलेगी। वह कहती हैं,"इन बच्चों के लिए आईपीएल यादगार होगा। उनके जीवन में इस खेल आयोजन के योगदान को हमेशा सराहा जाता रहेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।