टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई इंडियंस टीम ने जीन पॉल डुमिनी के शानदार 62 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 147 रन बनाए। जवाब में खेलने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स टीम ने 19.1 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 151 रन बनाकर मैच जीत लिया। चेन्नई की ओर से एस. बद्रीनाथ ने 22 और सुरेश रैना ने 20 रनों का योगदान दिया। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी 22 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 23 रन बनाकर नाबाद लौटे।
चेन्नई की टीम ने अपना 12वां मैच खेलते हुए सातवीं जीत हासिल की है। इस जीत के बाद उसके कुल अंकों की संख्या 15 हो गई है। दूसरी ओर अपना 13वां मैच खेल रही मुंबई की टीम को सातवीं हार मिली है। वह पांच जीत और एक रद्द मैच के साथ 11 अंक ही जुटा पाई है। जाहिर तौर पर इस हार के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने का उसका सफर और मुश्किल हो गया है।
चेन्नई ने 64 के कुल योग पर एस. बद्रीनाथ के रूप में अपना तीसरा विकेट गंवाया था लेकिन उसके बाद कप्तान और हेडन ने टीम को बिना किसी नुकसान के जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया। हेडन को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।
बद्रीनाथ का विकेट निलेश कुलकर्णी ने लिया था। बद्रीनाथ ने 23 गेंदों पर दो चौकों एक एक छक्के की मदद से 22 रन बनाए। इससे पहले चेन्नई की टीम ने अपने सलामी बल्लेबाज पार्थिव पटेल और जबरदस्त फार्म में चल रहे सुरेश रैना के विकेट गंवाए थे। पार्थिव को लसिथ मलिंगा ने खाता भी नहीं खोलने दिया जबकि रेना को ड्वेन ब्रावो ने अपनी ही गेंद पर कैच किया। रैना ने 12 गेंदों पर दो चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 20 रन बनाए।
इससे पहले, जीन पॉल डुमिनी (62) और अभिषेक नायर (नाबाद 33) की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत मुंबई इंडियंस टीम ने चेन्नई सुपर किंग्स के सामने 148 रनों का अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 147 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज सनत जयसूर्या ने भी 30 रनों का योगदान। डुमिनी ने अपनी 54 गेंदों की पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए।
मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। उसने महज पांच रन के कुल योग पर अपने सलामी बल्लेबाज ड्वेन ब्रावो का विकेट गंवा दिया था। ब्रावो पांच रन बनाकर एल्बी मोर्कल की गेंद पर बोल्ड हुए। इसके बाद डुमिनी ने जयसूर्या के साथ दूसरे विकेट के लिए 42 रन जोड़े लेकिन 49 के कुल योग पर जयसूर्या भी चलते बने। उन्होंने 17 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और दो छक्के लगाए।
जयसूर्या की विदाई के बाद डुमिनी ने कप्तान सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाना शुरू किया लेकिन तेंदुलकर 11 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर सुरेश रैना द्वारा लक्ष्मीपति बालाजी के हाथों कैच करा दिए गए। तेंदुलकर का आउट होना मुंबई के लिए बड़ा झटका था लेकिन डुमिनी ने टीम पर इसे हावी नहीं होने दिया और अभिषेक नायर के साथ मिलकर स्कोर को 139 रनों तक पहुंचाया। नायर ने 27 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका और दो छक्के लगाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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