14 मैचों में अपनी तीसरी जीत हासिल करने वाली कोलकाता की टीम तो पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई थी लेकिन उसने राजस्थान को भी अंतिम चार में जगह नहीं बनाने दी।
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 101 रन बनाए। जवाब में खेलने उतरी कोलकाता की टीम ने लक्ष्मी रतन शुक्ला की 48 तथा अजीत आगरकर की 13 रनों की नाबाद पारी की बदौलत 19.3 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 102 रन बनाकर मैच जीत लिया।
कोलकाता के लिए यह जीत लगातार हार के बाद टूर्नामेंट में अपनी पहचान कायम करने का सबूत सरीखी रही लेकिन राजस्थान की टीम का तो मानो सबकुछ लुट गया। मैच के बाद राजस्थान की सह-मालिक शिल्पा शेट्टी के चेहरे की मायूसी इसका हाल-ए-बयां कर रही थी।
पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 101 रन बनाने वाली राजस्थान की टीम ने 15 ओवर तक मैच अपनी गिरफ्त में रखा था लेकिन उसके बाद शुक्ला और आगरकर ने बहुत शानदार संयम के साथ खेलते हुए अपनी टीम की नैया पार लगा दी।
शुक्ला ने 46 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 48 रन बनाए जबकि आगरकर 17 गेंदों पर 13 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 57 रन जोड़े और तीन गेंदों शेष रहते अपनी टीम को जीत दिला दी। शुक्ला को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।
इससे पहले, चार्ल्स लैंगवेल्डट (15/3) और आगरकर (15/2) की शानदार गेंदबाजी और अपने क्षेत्ररक्षकों के बेहतरीन प्रयास की बदौलत कोलकाता की टीम ने राजस्थान रॉयल्स टीम को मात्र 101 रनों पर सीमित कर दिया था।
नियमित अंतराल पर विकेट गंवाने के कारण मुश्किल में पड़ी राजस्थान की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों की समाप्ति तक नौ विकेट के नुकसान पर 101 रन बनाए।
राजस्थान की ओर से सलामी बल्लेबाज नमन ओझा ने सर्वाधिक 22 रन बनाए जबकि कप्तान शेन वार्न ने काफी संघर्ष करते हुए 18 और रवींद्र जडेजा तथा नीरज पटेल ने 14-14 रनों का योगदान दिया।
कोलकाता की टीम ने एक इकाई के तौर पर खेलते हुए शुरुआत से राजस्थान पर दबाव बनाए रखा। गेंदबाजों ने जहां अहम मुकाम पर अपनी टीम को सफलता दिलाई वहीं क्षेत्ररक्षकों ने भी यूसुफ पठान समेत तीन बल्लेबाजों को रन आउट कर अपनी टीम का काम आसान किया।
राजस्थान की यूसुफ से काफी उम्मीदें थीं लेकिन वह नौ रन बनाकर रन आउट हो गए। उस समय विकेट पर उनके साथ रवीेंद्र जडेजा थे। कप्तान वार्न को जडेजा से बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन वह सुभोजीत सरकार की एक कमजोर गेंद पर बोल्ड हो गए।
पूरे मैच के दौरान राजस्थान के लिए सबसे सुखद: स्थिति पहले ओवर में थी जब ओझा ने ब्रैड हॉज के पांच गेंदों पर तीन छक्कों समेत 21 रन बटोरे थे। इसके बाद दूसरे ओवर की पहली गेंद के साथ ही राजस्थान की मुश्किलें शुरू हो गईं और अंत तक समाप्त नहीं हुईं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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