इस समिति के अध्यक्ष जमशेद अहमद दास्ती हैं जबकि इसमें पीर आफताब शाह जिलानी, सैयद इनायत अली शाह, रमेश लाल, परवीन मसूद भट्टी, तलनीम सिद्दीकी, चौधरी सौद माजिद, पीर मोहम्मद असलम बोदला, सैयद तैयब हुसैन, इकबाल मोहम्मदअली खान और उस्मान खान ताराकान जैसे एसेंबली के सदस्य शामिल हैं।
इस समिति को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के संबंध में सीधे तौर पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रखने का अधिकार प्राप्त है। समिति का मानना है कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर हुए हमले के कारण देश की छवि खराब हुई है, लिहाजा इस संबंध में देश के शीर्ष हुक्मरानों को सही स्थिति का ज्ञान होना बहुत जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि मार्च में लाहौर के एक होटल से गद्दाफी स्टेडियम जाते वक्त श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के काफिले पर अत्याधुनिक हथियारों और ग्रेनेड से हमला किया गया था। उस हमले में छह खिलाड़ी जख्मी हुए थे जबकि इतने ही सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। हमले के बाद श्रीलंका सरकार ने अपनी टीम का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।