पहले संस्करण के दौरान कुल छह शतक लगे थे जबकि दूसरे संस्करण में दो ही शतक लगे। पहले संस्करण में जहां सभी छह शतक विदेशी बल्लेबाजों के खाते में दर्ज हुए थे वहीं दूसरे संस्करण में एक शतक भारतीय बल्लेबाज के नाम भी दर्ज हुआ।
बैंगलोर रॉयल चैलेंजर्स टीम के 19 वर्षीय सलामी बल्लेबाज मनीष पांडेय ने गुरुवार को डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ 114 रनों की नाबाद पारी खेलकर अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया था। इससे पहले दिल्ली डेयर डेविल्स टीम के बल्लेबाज अब्राहम डिविलियर्स ने कोलकाता नाइट राइर्ड्स के खिलाफ दूसरे संस्करण का पहला शतक जड़ा था।
इससे ठीक उलट, आईपीएल के पहले संस्करण का पहला शतक कोलकाता के बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम के बल्ले से निकला था। मैक्लम ने दिल्ली के गेंदबाजों की छक्के छुड़ाते हुए 158 रनों की नाबाद पारी खेली थी। आईपीएल का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत योग है।
आईपीएल के पहले संस्करण में किंग्स इलेवन पंजाब के बल्लेबाज शॉन मार्श (115), डेक्कन चार्जर्स के एडम गिलक्रिस्ट (नाबाद 109), मुंबई इंडियंस के सनत जयसूर्या (नाबाद 114), चेन्नई सुपर किंग्स के माइकल हसी (नाबाद 116) और डेक्कन चार्जर्स के एंड्रयू सायमंड्स (नाबाद 117) शतक लगाने में कामयाब रहे थे।
चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज सुरेश रैना आईपीएल के दूसरे संस्करण के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे, जो 'नर्वस नाइंटीज' का शिकार हुए। 14 मैचों में 434 रन बनाने वाले रैना एक मैच में 98 रन के व्यक्तिगत योग पर पेवेलियन लौट गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।