अन्य आंकड़े इस प्रकार हैं-
-18 अप्रैल से 24 मई तक चले टूर्नामेंट के दौरान 59 मैचों कुल 16,320 रन बने। भारत में 2008 में आयोजित टूर्नामेंट के पहले संस्करण के दौरान कुल 17,937 रन बने थे।
-इस दौरान कुल 1,317 चौके लगे जबकि पहले संस्करण के दौरान 1,702 बार बल्लेबाजों ने गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेजा था।
-डेक्कन चार्जर्स टीम के कप्तान एडम गिलक्रिस्ट छक्के लगाने वालों में सबसे आगे रहे। गिलक्रिस्ट के बल्ले से कुल 29 छक्के निकले।
-चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने सबसे अधिक 572 रन बनाए। चेन्नई की टीम ने 14 मैचों में जितने रन बनाए, उसका लगभग 30 प्रतिशत हेडन के बल्ले से निकला।
-59 मैचों के दौरान 93 बल्लेबाज शून्य के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हुए। हर्शेल गिब्स सर्वाधिक चार बार शून्य पर पेवेलियन लौटे।
-दिल्ली के अब्राहम डिविलियर्स (105) और बैंगलोर के मनीष पांडेय (नाबाद 114) ने दूसरे संस्करण में शतक लगाए।
-डेक्कन चार्जर्स के गेंदबाज रुद्र प्रताप सिंह ने सर्वाधिक 23 विकेटों के साथ पर्पल कैप हासिल किया। सिंह ने आईपीएल के किसी एक संस्करण में सर्वाधिक विकेट हासिल किया। 2008 में राजस्थान के सोहेल तनवीर ने 22 विकेट लिए थे।
-दूसरे संस्करण के दौरान कुल 20 मेडन ओवर फेंके गए। मुंबई टीम के लसिथ मलिंगा ने सर्वाधिक दो मेडन फेंके।
-बैंगलोर के गेंदबाज प्रवीण कुमार और राजस्थान के कप्तान शेन वार्न की गेंदों पर सर्वाधिक 14-14 छक्के लगे।
-मुंबई के लसिथ मलिंगा ने कुल 18 विकेट हासिल किए। इसमें से नौ बल्लेबाज बोल्ड हुए।
-एडम गिलक्रिस्ट ने सर्वाधिक आठ स्टंप किए। गिलक्रिस्ट दोनों संस्करणों में अब तक सर्वाधिक 18 स्टंपिंग कर चुके हैं।
-दूसरे संस्करण के दौरान तीन हैट्रिक बने। युवराज सिंह ने दो मौकों पर लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट हासिल किए जबकि रोहित शर्मा ने एक बार यह कारनामा किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।