पाकिस्तान के समाचार पत्र 'डेली टाइम्स' से बातचीत के दौरान यूनुस ने कहा कि दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डो को आपसी संबंध जारी रखना चाहिए क्योंकि इन दो चिर-प्रतिद्वंद्वियों के बीच होने वाले मुकाबलों का रोमांच अब भी पहले जैसा ही कायम है। यह अलग बात है कि इन दिनों दोनों देशों के बीच बहुत कम मुकाबले खेले जा रहे हैं।
यूनुस के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबलों की अहमियत किसी भी लिहाज से एशेज श्रृंखला से कम नहीं, लिहाजा दोनों टीमों के बीच द्विपक्षीय श्रृंखलाएं आयोजित होती रहनी चाहिए।
यूनुस बोले, "भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले रोचकता और रोमांच के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं हैं बल्कि इनमें खेलकर दोनों देशों के खिलाड़ियों को अपनी मानसिक शक्ति का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। खेल के मैदान में दोनों देशों की भिड़ंत किसी भी मायने में एशेज से कम नहीं।"
यूनुस मानते हैं कि आज उन्होंने जो मुकाम और शोहरत हासिल की है, वह 2005 में भारत के साथ खेली गई टेस्ट श्रृंखला की देन है। उन्होंने कहा, "वर्ष 2005 से पहले मैं पाकिस्तानी टीम का उतना अहम किरदार नहीं था, जितना उस साल खेली गई टेस्ट श्रृंखला के तीसरे मैच में 267 रनों की पारी खेलने के बाद हुआ। मुझे यह स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं कि मेरी शोहरत भारत के साथ खेली गई श्रृंखला की देन है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।