अंतर्राष्ट्रीय हाकी महासंघ (एफआईएच) ने आईओए से कहा था कि वह किसी भी हाल में 2010 तक महिला और पुरुष हॉकी के लिए एक एकीकृत समिति गठित करे लेकिन आईओए ने एफआईएच से कहा है कि वह सबसे पहले राज्य स्तर पर महिला और पुरुष हॉकी को एकीकृत करने का प्रयास शुरू करेगा। राष्ट्रीय स्तर पर इसकी बारी बाद में आएगी।
आईओए हॉकी इंडिया के अधिकारियों के चयन के लिए चुनाव नहीं करा सकता क्योंकि के.पी.एस गिल के नेतृत्व वाले भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) ने इस मामले में अदालत की शरण ले रखी है। गिल ने आईएचएफ को भंग करने को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले की सुनवाई जारी है।
इसे देखते हुए आईओए ने अपने कोषाध्यक्ष ए.के. मट्टू को एचआई की तदर्थ समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा हिमाचल कांग्रेस की नेता और महिला हॉकी महासंघ (आईडब्ल्यूएचएफ) की निवर्तमान अध्यक्ष को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पूर्ववर्ती तदर्थ समिति के समन्वयक रहे मोहम्मद असलम खान को नई समिति का महासचिव और गिल के खिलाफ विरोध का बिगुल फूंकने वाले नरेंद्र बत्रा को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
उत्तराखंड ओलंपिक संघ के राजीव मेहता, बास्केटबाल महासंघ के महासचिव हरीश शर्मा और मुश्तात अहमद को समिति के सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है।
आईओए के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने कहा कि जल्द ही नई चयन समिति की घोषणा की जाएगी। मट्टू ने कहा कि वह पुरुष और महिला हॉकी टीमों के चयन के लिए अलग-अलग समितियों के गठन के पक्ष में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*