ट्वेंटी-20 विश्व कप के दूसरे संस्करण के पहले मुकाबले में नीदरलैंड्स ने इंग्लैंड पर चार विकेट से जीत दर्ज कर क्रिकेट के जानकारों को सन्न कर दिया।
नीदरलैंड्स के बल्लेबाजों ने जैसे ही विजयी रन बनाया, पूरी टीम मैदान की ओर दौड़ पड़ी। मैदान में चारों ओर केसरिया रंग का झंडा लहराने लगा। कप्तान जेरोन स्मिथ ने इसे अपने देश के क्रिकेट के लिए महान दिन करार दिया।
मैच के बाद स्मिथ ने कहा, "परिणाम बता रहा है कि यह हमारे लिए महान जीत है। यह हमारे देश के क्रिकेट के लिए सबसे बड़ा दिन है। अब हम सुपर-8 के लिए क्वालीफाई करने के लिए खेलेंगे।"
वर्ष 1989 में जब नीदरलैंड्स ने नासिर हुसैन की कप्तानी में खेल रही इंग्लैंड टीम को हराया था, उस समय स्मिथ 12वें खिलाड़ी थे। इस बार जब उनकी टीम क्वालीफाईंग टूर्नामेंट खेल रही थी, तब उन्होंने अपने साथियों से कहा था कि वह लॉर्ड्स में पहला मुकाबले खेलने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
धुन की पक्की नीदरलैंड्स की टीम ने अपनी दोनों हसरतों को पूरा किया। वह टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई भी करने में सफल रही और लॉर्ड्स में भी खेली लेकिन स्मिथ ने कभी यह नहीं सोचा था कि उनकी टीम उद्घाटन मुकाबले में इंग्लैंड को हराने में सफल रहेगी।
गौर करने वाली बात यह है कि नीदरलैंड्स की टीम के ज्यादातर खिलाड़ी पेशेवर क्रिकेटर नहीं हैं। इस टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपना परिवार चलाने के लिए सरकारी और गैरसरकारी नौकरियां करते हैं।
अब जबकि उनके सुपर-8 में पहुंचने की उम्मीद बंधने लगी है, ये खिलाड़ी इस बात को लेकर खुश हैं कि उन्हें कुछ और दिनों के लिए काम से फुर्सत मिल गई है। इससे हालांकि उन्हें वित्तीय नुकसान है लेकिन क्रिकेट के जूनून के आगे उन्हें यह नुकसान भी बर्दाश्त है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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