समाचार एजेंसी डीपीए से बातचीत के दौरान फेडरर ने स्वीकार किया कि एक बच्चे के तौर पर उनके जेहन में फ्रेंच ओपन जीतने की बात कभी नहीं आती थी।
फेडरर ने कहा, "बचपन में मेरा सपना विंबलडन जीतना था। मैंने कभी फ्रेंच ओपन को अपनी कल्पनाओं में जगह नहीं दी। मैं इसे जीतने के बारे में सोचा करता था लेकिन इसके प्रति उतना आकर्षित कभी नहीं हुआ, जितना ग्रास कोर्ट पर खेले जाने वाले विंबलडन के लिए रहा करता था।"
फेडरर मानते हैं कि 2005 में वह फ्रेंच ओपन जीतने के काफी करीब पहुंचे थे लेकिन राफेल नडाल ने आगे आकर उनके हाथ से ट्रॉफी छीन ली थी।
फेडरर ने कहा, "मैं 2005 में इस खिताब के काफी करीब पहुंचा था लेकिन नडाल ने मेरा ग्रैंड स्लैम पूरा नहीं होने दिया। इसके लिए मैंने चार साल तक इंतजार किया। जाहिर तौर पर यह मेरे लिए काफी मायने रखता है।"
अब और कितने रिकार्ड बनाने हैं? इस सवाल के जवाब में फेडरर ने कहा कि उन्हें रिकार्ड बनाने का जूनून नहीं है लेकिन फिर भी उन्हें अपनी उपलब्धियों पर गर्व है।
फेडरर ने कहा, "मैं अभी भी खेल रहा हूं। खेल जारी रहता है तो रिकार्ड बनते-बिगड़ते रहते हैं लेकिन मुझे रिकार्ड बनाने का जूनून नहीं है, हालांकि मुझे ये पसंद भी हैं। मैं फिट रहकर आने वाले आगे खिलाड़ियों का सामना करना चाहता हूं। मैं खुद के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहना चाहता हूं। मेरे लिए यह बहुत जरूरी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।