न्यूजीलैंड ने शनिवार को 14 ओवर तक सीमित किए गए मैच में स्कॉटलैंड को सात विकेट से पराजित किया था जबकि दक्षिण अफ्रीका ने रविवार को स्कॉटलैंड पर 130 रनों की जबरदस्त जीत हासिल की थी।
इस लिहाज से ग्रुप-डी की इन दो प्रमुख टीमों के बीच होने वाला यह मैच एक तरह से औपचारिक होगा लेकिन दोनों टीमें इसे जीतकर अपनी लय बनाए रखना चाहेंगी। जाहिरा तौर पर इसका फायदा उन्हें सुपर-8 में मिलेगा, जहां उनका सामना दूसरे ग्रुप की मजबूत टीमों से होगा।
अब तक के प्रदर्शन के आधार पर कहा जा सकता है कि दक्षिण अफ्रीका का पलड़ा भारी है। इसका कारण यह है कि उसने अपनी प्रतिष्ठा के साथ न्याय करते हुए उस टीम को बहुत करारी शिकस्त दी, जिसके खिलाफ न्यूजीलैंड के गेंदबाज संघर्ष करते नजर आए। न्यूजीलैंड के कप्तान डेनियल विटोरी भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं।
दक्षिण अफ्रीका का सबसे मजबूत पक्ष उसके बल्लेबाज हैं और अगर उनके खिलाफ न्यूजीलैंड के गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए तो उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
बल्लेबाजी में तो न्यूजीलैंड की टीम संतुलित दिखती है लेकिन गेंदबाजी में उसे कप्तान विटोरी की कमी खल रही है। विटोरी के स्थान पर केइल मिल्स को टीम में शामिल किया गया है लेकिन मिल्स कम से कम रन देने की चुनौती पर खरे उतर सकें, इसकी कोई गारंटी नहीं।
अब्राहम डिविलियर्स, जैक्स कालिस, ग्रीम स्मिथ, मार्क बाउचर, जीन पॉल डुमिनी और एल्बी मोर्कल जैसे धुरंधर बल्लेबाजों के सामने न्यूजीलैंड की आक्रमण पंक्ति चरमरा सकती है।
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज हालांकि दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने के बाद रॉस टेलर, जेसी राइडर और ब्रेंडन मैक्लम के रूप में उसके तीन बल्लेबाज शानदार फार्म में हैं।
एक मजबूत और एक कमजोर पक्ष के साथ न्यूजीलैंड को इस मैच में संघर्ष करना पड़ सकता है लेकिन दक्षिण अफ्रीका के पास फिलहाल ऐसी कोई कमजोर कड़ी नहीं है, जिसे लेकर उसे चिंतित होने की जरूरत हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।