फ्रेंकलिन के मुताबिक यह अलग बात है कि व्यावसायिक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) भी ट्वेंटी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता को स्वीकार कर चुकी है लेकिन इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट का महत्व और असर बरकरार रहेगा।
फ्रेंकलिन ने कहा, "टेस्ट क्रिकेट ही सच्चा क्रिकेट है। यह क्रिकेट का वह स्वरूप है, जिसके माध्यम से एक खिलाड़ी अपने महान पूर्ववर्तियों के साथ खुद की तुलना कर सकता है। मेरे लिहाज से दुनियाभर के क्रिकेटर टेस्ट क्रिकेट के पक्ष में ही खड़े दिखेंगे क्योंकि यही एक खिलाड़ी को मान-सम्मान दिलाता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।