वेबसाइट 'क्रिकइंफो डॉट कॉम' से मिली जानकारी के मुताबिक सहवाग के चोटिल होने की पुष्टि होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उनके स्थानापन्न के तौर पर कार्तिक का नाम आगे किया था।
कार्तिक को इंग्लैंड भेजने के लिए बीसीसीआई ने आईसीसी के सामने सहवाग की फिटनेस रिपोर्ट पेश की। बीसीसीआई से गलती यह हुई कि उसने टीम फिजियो नितिन पटेल की रिपोर्ट आईसीसी को सौंपी जबकि उसे डॉक्टर की रिपोर्ट सौंपनी चाहिए थी। आईसीसी ने तत्काल प्रभाव से फिजियो की रिपोर्ट को नकार दिया और बीसीसीआई से डॉक्टर की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा।
आईसीसी ने साफ कर दिया है कि वह कार्तिक को इंग्लैंड भेजने की इजाजत तभी देगा, जब बीसीसीआई सहवाग की चोट संबंधी डॉक्टरी रिपोर्ट उसके सामने पेश करेगा।
सहवाग को दक्षिण अ्रफ्रीका में आयोजित इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान चोट लगी थी। ग्रेड-1 स्तर की इस चोट के बावजूद सहवाग को इंग्लैंड लाया गया था लेकिन वह अंतत: मैदान में नहीं उतर सके। यही कारण है कि बीसीसीआई ने उनके स्थान पर कार्तिक को टीम में शामिल करने का फैसला किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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