टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 20 ओवरों की समाप्ति पर छह विकेट के नुकसान पर 138 रन बनाए। श्रीलंका ने 70 रन के कुल योग पर अपने छह विकेट गंवा दिए थे लेकिन संगकारा और मैथ्यूज ने सातवें विकेट के लिए नाबाद 68 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक पहुंचा दिया।
संगकारा 52 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 64 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि मैथ्यूज ने 24 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 35 रन बनाए। इसके अलावा सनत जयसूर्या ने 17 और चमारा सिल्वा ने 14 रनों का योगदान दिया। सिल्वा और संगकारा ने पांचवें विकेट के लिए 35 रन जोड़े।
श्रीलंका को सबसे अधिक उम्मीद सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान से थी लेकिन उन्होंने निराश किया। टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज दिलशान खाता खोले बगैर पेवेलियन लौटे। इसके अलावा जेहान मुबारक (0), माहेला जयवर्धने (1) और इसुरू उदाना (1) ने एक छोर पर टिके अपने कप्तान को निराश किया।
पाकिस्तान की ओर से अब्दुर रज्जाक ने तीन विकेट झटके जबकि उमर गुल, मोहम्मद आमिर और शाहिद अफरीदी ने एक-एक सफलता हासिल की।
पाकिस्तान की टीम दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में पहुंची है जबकि श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को हराया था। पाकिस्तानी टीम लगातार दूसरी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है। इससे पहले 2007 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए टूर्नामेंट के पहले संस्करण में वह खिताबी मुकाबले में भारत से हार गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*