वर्ष 2003 में खेले गए कनफेडरेशंस कप सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान फोए की मैदान में ही मौत हो गई थी। उस समय फोए की उम्र 26 साल थी। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद कहा गया था कि फोए की मौत ह्रदय गति रुकने के कारण हुई थी।
फीफा ने फाइनल से पहले फोए के नाम श्रद्धांजलि संदेश पढ़ने और दो मिनट का मौन रखने का कार्यक्रम रखा है। फीफा प्रमुख सैप ब्लेटर ने कहा कि उस घटना के बाद फीफा ने हमेशा खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। उसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी खिलाड़ी की खेल के दौरान मैदान में मृत्यु न हो सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।