ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द सन' के मुताबिक ब्रॉड ने खुलासा किया है कि उनके पिता बार-बार इस बात लेकर ताना कसते हैं कि उनकी टीम ने 22 साल पहले एशेज श्रृंखला में आस्ट्रेलिया को पराजित किया था लेकिन ब्रॉड के टीम में रहते इंग्लैंड की टीम एक बार भी एशेज नहीं जीत सकी है।
ब्रॉड ने कहा कि वह एशेज जीतने की अहमियत को अच्छी तरह समझ चुके हैं क्योंकि उनके पिता बार-बार इस संबंध में चर्चा करते रहते हैं। ब्रॉड कहते हैं, "मेरे पिता को सबसे अधिक गर्व इस बात पर है कि श्रृंखला की शुरुआत में इंग्लैंड को कमजोर आंका जा रहा था लेकिन जब श्रृंखला शुरू हुई तब इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के पसीने छुड़ा दिए और शानदार जीत दर्ज की थी।"
ब्रॉड के मुताबिक उनका पिता का मानना है कि इंग्लैंड के किसी क्रिकेटर के लिए एशेज में खेलना क्रिकेट के चरम को प्राप्त करना है। ब्रॉड के पिता क्रिस आईसीसी के मैच रेफरी हैं। उन्होंने 1986-87 श्रृंखला में तीन शतक लगाए थे। इसके बाद इंग्लैंड लगातार आठ बार एशेज श्रृंखला हारा था। 2005 में माइकल वॉन की कप्तानी में इंग्लैंड ने एशेज पर कब्जा किया लेकिन अगले ही मौके पर वह एक बार फिर हार गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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