ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' के मुताबिक राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों ने सियोल में दक्षिण कोरिया के साथ खेले गए विश्व कप क्वालीफाईंग मुकाबले के दौरान अपने हाथ पर हरे रंग की पट्टी बांध रखी थी। ईरान की राजनीति में हरा रंग मुसावी के समर्थन का प्रतीक माना जाता है।
समाचार पत्र के मुताबिक ईरानी अधिकारियों का कहना है सातों खिलाड़ियों ने उम्र अधिक होने के कारण स्वेच्छा से संन्यास लिया है लेकिन ईरान की मीडिया का कहना है कि मुसावी के समर्थन में आवाज बुलंद करने के कारण उन्हें जबरदस्ती टीम से हटाया गया है।
पत्र के मुताबिक 31 साल के अली किरमानी और 32 साल के मेहदी माहदाविकिया ने कुछ दिनों पहले फुटबाल से संन्यास लेने की बात कही थी लेकिन दोनों ने इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की थी। इन्हीं दो खिलाड़ियों को आधार बनाकर ईरानी अधिकारी सातों खिलाड़ियों के स्वेच्छा से संन्यास लेने की बात कह रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।