हवाई अड्डे पर पत्रकारों से मुखातिब सायना ने कहा कि अब उनका लक्ष्य अगस्त में हैदराबाद में ही होने वाली विश्व चैंपियनशिप और लंदन में होने वाली ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करना है।
बकौल सायना, "मैं इस बात से खुश हूं कि अब लोग मेरी उपलब्धियों पर गौर करने लगे हैं। इससे मुझे ज्यादा से ज्यादा खिताब जीतने की प्रेरणा मिलेगी। इंडोनेशिया में मैं अच्छे फार्म में थी और यही कारण है कि मैंने इस मौके को खिताब जीतने के लिए झोंक दिया।"
सायना लगातार दूसरे खिताब के लिए प्रयासरत थीं लेकिन मलेशिया के शहर जोहर बाहरू में आयोजित मलेशियन ओपन के क्वार्टर फाइनल में उन्हें चीन की क्वालीफाईंग खिलाड़ी के हाथों हार झेलनी पड़ी थी।
इंडोनेशिया सुपर सीरीज में सायना की खिताबी जीत को भारतीय बैडमिंटन जगत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जा सकता है। प्रकाश पादुकोण और सायना के कोच पुलेला गोपीचंद ने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप जीतकर देश का नाम रोशन किया था लेकिन 19 साल की सायना ने उसी के बराबर प्रतिष्ठित एक और खिताब जीतकर एक बार फिर देश का नाम रोशन किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।