34 साल के वॉन ने कहा कि उन्होंने यह मुश्किल फैसला इसलिए लिया क्योंकि उनका मानना है कि दाएं घुटने की चोट के कारण वह पूरा दिन मैदान में क्षेत्ररक्षण करते हुए नहीं बिता सकते। वॉन ने साथ ही यह भी कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद टेस्ट क्रिकेट में बने रहकर वह किसी उभरते हुए खिलाड़ी के करियर को खराब नहीं करना चाहते।
वॉन ने कहा, "मैं एक अच्छे खिलाड़ी के तौर पर याद किया जाना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि लोग मुझे ऐसे खिलाड़ी के तौर पर याद करें, जिसने इंग्लैंड के लिए अपनी पूरी सामथ्र्य झोंक दी। मुझे किसी प्रकार का पछतावा नहीं। मुझे इस बात पर गर्व है कि ईश्वर ने मुझे अपने देश की क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने का मौका, क्षमता और सूझबूझ दी।"
वॉन ने कहा कि उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद यह फैसला किया है। बकौल वॉन, "काफी सोच-विचार के बाद मैंने पाया कि मेरे संन्यास लेने का वक्त आ गया है। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे इंग्लैंड के लिए खेलने और राष्ट्रीय टीम की कप्तानी की मौका मिला। मैं इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड, काउंटी क्लब यार्कशायर और सभी स्तर पर मेरे साथी रहे खिलाड़ियों, कोच, फिजियो और दूसरी टीमों के खिलाड़ियों को उनके सहयोग, समर्थन और प्यार के लिए धन्यवाद देता हूं।"
वॉन की कप्तानी में ही इंग्लैंड ने 20 साल बाद 2005 में एशेज पर कब्जा किया था। इसके लिए उन्हें 'ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एंपायर' से नवाजा गया था। अपने खराब फार्म और चोट से परेशान होकर वॉन ने पिछले साल अगस्त में कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उससे पहले उन्होंने बतौर कप्तान इंग्लैंड को 20 टेस्ट मैचों में जीत दिलाने का पीटर मे का रिकार्ड तोड़ दिया था।
वर्ष 2003 में नासिर हुसैन से कप्तानी हासिल करने वाले वॉन ने इंग्लैंड के लिए 82 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने 51 मैचों में अपनी टीम का नेतृत्व किया, जिसमें से 26 में जीत हासिल हुई। वॉन को इंग्लैंड के सबसे सफल कप्तानों में एक माना जाता है। उन्होंने टेस्ट मैचों में 18 शतकों और 41.00 के औसत से 5,719 रन बनाए हैं। वॉन ने कुल 86 एकदिवसीय मैच खेले हैं, जिनमें से 60 में उन्होंने इंग्लैंड टीम की कप्तानी की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।