पाकिस्तान के समाचार पत्र 'द डॉन' के मुताबिक घरेलू ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले के दौरान अंपायर नदीम गौरी ने उन्हें पगबाधा आउट करार दिया था लेकिन नजीर ने अंपायर के फैसले पर कड़ा विरोध जताया था। वह बल्ला पटकते हुए पेवेलियन लौटे थे। पत्र ने यह भी खुलासा किया था कि नजीर ने गौरी को अंधा कहा था।
पीसीबी ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा था कि इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) की ओर से अनापत्ति प्रमाण-पत्र जमा करने के बावजूद नजीर को राष्ट्रीय टीम में शामिल नहीं किया जाएगा क्योंकि पीसीबी अध्यक्ष उनकी अनुशासनहीनता से सख्त नाराज हैं।
पीसीबी अध्यक्ष एजाज बट्ट ने नजीर को इस बात की जानकारी दे दी थी कि अनुशासनहीनता के उस मामले के बाद उनके लिए राष्ट्रीय टीम में कोई जगह नहीं है। बट्ट ने इसके लिए नजीर पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
अब जबकि नजीर को माफी मिल गई है, उनका श्रीलंका के साथ 30 जुलाई से खेली जाने वाली पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए राष्ट्रीय टीम में चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। इस गलती के कारण नजीर को ट्वेंटी-20 विश्व कप टीम में शामिल नहीं किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।