बोपारा को बै्रंप्टन मोनर स्कूल में चार वर्ष तक व्यायाम की शिक्षा देने वाले फिलिप ड्वेस आज भी अपने इस छात्र के बारे में बात करते समय उत्साहित हो उठते हैं। ब्रिटिश समाचार पत्र 'द गार्जियन' को दिए साक्षात्कार में ड्वेस ने कहा, "बोपारा उस समय 13 साल का था और मोटा भी था। वह बहुत प्यारा लड़का था। उसमें नेतृत्व करने की क्षमता और दूसरों की मदद करने का जज्बा था। वह बहुत ईमानदार और प्रतिभा का धनी था।"
उन्होंने कहा, "हमारे स्कूल में फुटबाल का बोलबाला था और ऐसे में बोपारा ने क्रिकेट टीम की कप्तानी करते हुए अपने स्कूल को कई कप जितवाए। उसने कई शतकीय पारियां भी खेलीं।"
ड्वेस ने कहा, "मेरा स्कूल की टीम में कोई ज्यादा योगदान नहीं होता था। बोपारा अकेले सब कुछ करता था। मैंने मैदान पर किसी भी दूसरे बच्चे में बोपारा की माफिक प्रतिभा नहीं देखी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।