उल्लेखनीय है कि पूर्व फुटबाल खिलाड़ियों ने महासंघ द्वारा दी गई 25,000 रुपये की अनुग्रह राशि को यह कहते हुए स्वीकार करने से इंकार कर दिया था कि उनकी स्थिति अच्छी है और उन्हें महासंघ से किसी प्रकार की मदद नहीं चाहिए।
पटेल ने गुरुवार को आईएएनएस से कहा कि वह इस मामले को लेकर बेहद आहत हैं और इसीलिए उन्होंने खुद ही इस पर नजर रखने का फैसला किया है। पटेल ने कहा, "मैं व्यक्तिगत तौर पर इस मामले पर नजर रखूंगा।"
1956 में खेलने वाली टीम के कप्तान रहे समर बनर्जी ने महासंघ के महासचिव अल्बटरे कोलाको को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें और उनके साथियों को महासंघ की ओर से कोई मदद नहीं चाहिए।
बनर्जी ने अपने पत्र में लिखा था, "1956 के मेलबर्न ओलंपिक में खेलने वाली टीम के सदस्य होने के नाते हम सभी नौ लोग इस बात को लेकर बेहद आहत हैं कि महासंघ की कार्यकारिणी ने हमारे लिए 25,000 रुपये की सहायता राशि भेजी है। हम यह चेक आपके पास वापस भेज रहे हैं।"
बनर्जी ने कहा कि इस साल फरवरी में दिल्ली में कोलाको से मुलाकात के दौरान उन्होंने बीसीसीआई की तर्ज पर पूर्व ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना शुरू करने की बात कही थी।
बनर्जी ने अपने पत्र में आगे लिखा, "क्या आप चाहते हैं कि 70 साल की उम्र पार कर चुके हमारे जैसे ओलंपिक खिलाड़ी आपके पास आएं और हाथ फैलाकर भीख मांगें। हमने आपको अनेक बार पेंशन योजना शुरू करने की याद दिलाई लेकिन इस संबंध में कार्रवाई न करके आपने हमारे लिए जो कार्य किया है, वह हमें स्वीकार्य नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।