लंदन, 10 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के प्रमुख शहर हैदराबाद में सोमवार से शुरू हुई विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप से हटने के इंग्लैंड के फैसले को लेकर आलोचनाओं का बाजार गर्म हो रहा है। इसे देखते हुए ब्रिटेन के एक मंत्री ने चैंपियनशिप से हटने संबंधी अपने देश के निर्णय पर भारत को स्पष्टीकरण देने का फैसला किया है।
ब्रिटेन की विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी के 'शैडो' विदेश सचिव और देश के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ विलियम हॉग ने यह कहते हुए विश्व चैंपियनशिप से हटने के अपने देश के फैसले की आलोचना की है कि यह फैसला काफी हद तक आतंकवाद के सामने घुटने टेकने जैसा है।
उधर, ब्रिटेन के विदेश विभाग ने जोर देकर कहा है कि उसने विश्व चैंपियनशिप के लिए भारत पहुंची अपनी टीम को प्रतियोगिता से हटने की सलाह नहीं दी थी। खेल मंत्री गैरी सुटक्लिफ ने हालांकि टीम के इस फैसले का समर्थन किया है। सुटक्लिफ ने कहा, "हमें खिलाड़ियों के फैसले का समर्थन करना होगा क्योंकि उनकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है।"
शुटक्लिफ ने कहा कि जो हुआ वह खेदजनक है लेकिन वह इस संबंध में भारतीय अधिकारियों से बात कर रहे हैं। मंत्री के मुताबिक जहां तक आतंकवाद से लड़ने के संबंध में सहयोग की बात है तो ब्रिटेन अगले साल नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए हर हालत में भारत के साथ है।
विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, "विश्व चैंपियनशिप से हटने का फैसला पूरी तरह बैडमिंटन इंग्लैंड का है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। बैडमिंटन इंग्लैंड ने अपनी सोच, समझ के अनुरूप और हालात पर गौर फरमाते हुए यह फैसला किया है।"
स्कॉटलैंड बैडमिंटन ने भी बैडमिंटन इंग्लैंड के इस फैसले की आलोचना की है। स्कॉटलैंड बैडमिंटन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऐन सिमिली ने कहा कि कम से कम इंग्लैंड के खिलाड़ियों को यह सोचना चाहिए था कि वे एक बहुत बड़ी प्रतियोगिता से हट रहे हैं।
सिमिली ने कहा, "मैं नहीं समझती कि बैडमिंटन इंग्लैंड का यह फैसला सही है। मेरी नजर में हालात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। हमारे खिलाड़ी भारत में हैं और उन्हें वहां खेलने में कोई दिक्तत नहीं है। उनका कहना है कि सुरक्षा के इंतजाम बेहतरीन हैं।"
बैडमिंटन इंग्लैंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एड्रियन क्रिस्टी ने बैडमिंटन स्कॉटलैंड की प्रमुख के इस बयान को गंभीरता से नहीं लिया है।
उन्होंने कहा, "हम विश्व चैंपियनशिप के लिए भारत में रुकने के किसी भी देश के फैसले का सम्मान करते हैं। हमारा फैसला पूरी तरह हालात पर आधारित था। हो सकता कि हमारे वहां से हटने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई हो लेकिन जब हम वहां थे, तब सुरक्षा इंतजाम विश्वास योग्य नहीं थे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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