समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार पहले दौर में फेडरर को 18 साल के अमेरिकी वाइल्डकार्डधारी खिलाड़ी डेविन ब्रिटन से भिड़ना है। पहले दौर में फेडरर की जीत आसान मानी जा रही है लेकिन आगे के मुकाबलों में उन्हें सावधान रहना होगा।
सर्वोच्च वरीयता की कुर्सी इस साल के अंत तक अपने पास रखने के लिए फेडरर को कम से कम चौथे दौर तक का सफर तय करना होगा।
वह अगर ऐसा नहीं कर सके तो इसका सीधा फायदा ब्रिटेन के एंडी मरे और स्पेन के राफेल नडाल को मिलेगा, जो क्रमश: दूसरे और तीसरे वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हैं।
फेडरर की असमय विदाई की सूरत में मरे को सर्वोच्च वरीयता की कुर्सी मिल सकती है लेकिन अगर मरे भी असमय उलटफेर का शिकार हुए तब नडाल इसे हासिल करना चाहेंगे।
इसके लिए नडाल को इस खिताब पर कब्जा करना होगा, जो काफी कठिन माना जा रहा है क्योंकि वह घुटने में चोट के कारण दो महीने तक टेनिस से दूर रहे हैं।
महिला वर्ग में मौजूदा चैंपियन सेरेना विलियम्स जहां अमेरिका की एलेक्सा ग्लास से पहले दौर में भिड़ेंगी, वहीं उनकी बड़ी बहन वीनस रूस की वेरा दुशेवीना के साथ दो-दो हाथ करेंगी।
अमेरिकी ओपन पूर्व चैंपियन बेल्जियम की किम क्लिस्टर्स के लिए भी काफी अहम होगा क्योंकि दो साल बाद टेनिस में वापसी करने के बाद वह पहली बार कोई ग्रैंड स्लैम खेलेंगी। क्लिस्र्ट्स ने 2005 में यह खिताब जीता था। उन्हें वाइल्डकार्ड के जरिए प्रवेश मिला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।