'द क्वींस बैटन रिले' नाम से मशहूर राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास की सबसे लंबी मशाल यात्रा को 29 अक्टूबर को लंदन स्थित महारानी के निवास स्थल बकिंघम पैलेस से रवाना किया जाएगा।
प्रतिभा पाटिल के अलावा इस समारोह में एलिजाबेथ के पति राजकुमार फिलिप, राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के अध्यक्ष माइकल फेनेल और दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी भी मौजूद रहेंगे।
बीजिंग ओलंपिक में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने वाले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा इस मशाल यात्रा के पहले धावक होंगे। इस अत्याधुनिक मशाल में डिजिटल कैमरे और जीपीएस के अलावा एथलीटों के नाम महारानी का संदेश लगा हुआ होगा।
अपनी यात्रा के दौरान मशाल सबसे पहले मध्य लंदन में स्थित 'क्वीन विक्टोरिया मेमोरियल' और 'द माल' नामक स्थानों पर पहुंचेगी। इसके बाद इसे लंदन के सबसे मशहूर स्थलों में एक 'ट्राफालगर स्क्वायर' ले जाया जाएगा। इस स्थान पर कलाकार लंदनवासियों को भारतीय संस्कृति की झलक दिखाएंगे।
इसके बाद यह मशाल 240 दिनों की विश्व यात्रा पर निकलेगी। इस दौरान वह 70 देशों की यात्रा करेगी। भारत पहुंचने के बाद इसे 100 दिनों की यात्रा और करनी होगी। 340 दिनों की कुल यात्रा के दौरान मशाल रैली 119,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
अपनी यात्रा के दौरान मशाल रिले सेंट हेलेना (जहां सिर्फ नाव की मदद से पहुंचा जा सकता है) और फाकलैंड द्वीप जैसे दुरूह स्थलों की भी सैर करेगी।
भारत पहुंचने के बाद इसे 28 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों सहित पाकिस्तान से सटे इलाकों की सैर पर ले जाया जाएगा। भारत में इस मशाल रैली का प्रवेश अटारी सीमाक्षेत्र के जरिए होगा। भारत में यह 20,000 किलोमीटर की यात्रा करेगी।
राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन के अवसर पर मशाल को तीन अक्टूबर 2010 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में लाया जाएगा। इस दौरान एथलीट महारानी का वह संदेश पढ़ेंगे, जो इस पर अंकित होगा। इसके बाद राष्ट्रमंडल खेलों का शुभारंभ होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।