28 साल के समी ने मंगलवार को कहा कि वह बकाया राशि की अंतिम किस्त हासिल करने के लिए लंबे समय से प्रयास करते रहे हैं लेकिन उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ।
अपने हिस्से की बकाया राशि के लिए अब समी ने आईसीएल में पाकिस्तानी प्रतिनिधि मोइन खान से संपर्क साधा है। समी ने कहा है कि मोइन ही उन्हें यह रकम दिला सकते हैं।
पाकिस्तान के लिए 33 टेस्ट मैचों में 81 विकेट और 83 एकदिवसीय मैचों में 118 विकेट हासिल कर चुके समी ने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि आईसीएल से खेलकर उन्होंने अपने टेस्ट करियर को बर्बाद कर लिया।
एक समय विश्व के तीव्रतम गेंदबाजों में एक माने जाने वाले समी ने कहा, "मैंने आईसीएल में खेलकर अपना अंतर्राष्ट्रीय करियर बर्बाद कर लिया। अब जब तक मेरे हिस्से की बकाया राशि नहीं मिल जाती, मैं आईसीएल से नाता भी नहीं तोड़ सकता।"
समी पाकिस्तान के उन 28 खिलाड़ियो में शामिल हैं, जिन्होंने आईसीएल से नाता जोड़ा था। इसे लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इनमें से कई प्रमुख खिलाड़ी आईसीएल का साथ छोड़कर अंतर्राष्ट्रीयस्तर पर वापसी करने में सफल रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।