पेस और डुल्ही ने अमेरिकी ओपन के पुरुषों के युगल मुकाबले के फाइनल में भारत के एक अन्य खिलाड़ी महेश भूपति और उनके जोड़ीदार बहामास के मार्क नोल्स की जोड़ी को 3-6, 6-3, 6-2 से पराजित किया।
पेस ने कहा, "मिश्रित युगल मुकाबले के दौरान मेरी कोहनी में चोट लग गई थी लेकिन इसके बावजूद मैं लगातार खेलता रहा। इस कारण मेरी कोहनी में रविवार को सूजन थी। मैंने इसकी परवाह नहीं की, क्योंकि यह मेरे करियर का बेहद खास मैच था। मैंने ठान लिया था कि मैं मैच पूरा होने के बाद ही दम लूंगा और इस काम में डुल्ही ने मेरी खूब मदद की।"
36 साल के पेस ने अपने करियर का 10वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। इनमें छह युगल और चार मिश्रित युगल खिताब शामिल हैं। वह भूपति के साथ तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके हैं। उन्होंने इस साल डुल्ही के साथ फ्रेंच ओपन का भी खिताब जीता था।
पेस ने इस साल अमेरिकी ओपन और फ्रेंच ओपन के अलावा 2006 में माट्रिन डैम के साथ अमेरिकी ओपन, 2001 में भूपति के साथ फ्रेंच ओपन, 1999 में भूपति के साथ विंबलडन और 1999 में भूपति के साथ फ्रेंच ओपन जीता है।
इसके अलावा पेस ने चार मिश्रित युगल खिताब-2008 में कारा ब्लैक के साथ अमेरिकी ओपन, 2003 में मार्टिना नवरातिलोवा के साथ विंबलडन, 2003 में मार्टिना नवरातिलोवा के साथ आस्ट्रेलियन ओपन और 1999 में लिसा रेमेंड के साथ विंबलडन जीते हैं।
पिछले साल कारा ब्लैक के साथ अमेरिकी ओपन का मिश्रित युगल खिताब जीतने वाले पेस अब तक 19 बार ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल चुके हैं। वह इस वर्ष भी मिश्रित युगल के फाइनल में पहुंचे थे लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। पेस ने सर्वाधिक तीन बार भूपति के साथ युगल और दो बार नवरातिलोवा के साथ मिश्रित युगल खिताब जीते हैं।
यह पहला मौका था जब पेस अपने पुराने जोड़ीदार भूपति के खिलाफ किसी ग्रैंड स्लैम का फाइनल खेल रहे थे। 2000 में अलग होने के बाद से दोनों खिलाड़ी 19 बार आमने-सामने हुए थे,जिसमें पेस ने 10 मैच जीते थे। नौ बार भूपति और उनके जोड़ीदारों की जीत हुई थी।
पेस ने इससे पहले अपना आखिरी युगल ग्रैंड स्लैम 2006 में जीता था। इस सफलता के लिए उन्हें तीन साल तक इंतजार करना पड़ा। उस समय उनके जोड़ीदार मार्टिन डैम थे और इस बार डुल्ही। पेस ने डुल्ही की जमकर तारीफ की।
जीत के बाद पेस ने कहा, "मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे डुल्ही जैसा जोड़ीदार मिला है। उनके साथ खेलना महान अनुभव है। हम एक दूसरी की चिंता करते हैं और साथ ही एक दूसरे के खेल को समझते हैं। यही कारण है कि फाइनल में पहला सेट हारने के बावजूद हम वापसी करने में सफल रहे।"
जूनियर वर्ग से भारत को हालांकि बुरी खबर मिली। भारत के युकी भांबरी एकल मुकाबलों के क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के चेस बुकानन के हाथों हार गए। बुकानन ने उन्हें 6-3, 7-6 से पराजित किया।
इस तरह इस बार अमेरिकी ओपन में भारत के हाथों एक युगल खिताब लगा। एकल में सानिया मिर्जा और सोमदेव देवबर्मन और जूनियर वर्ग में युकी कोई कमाल नहीं कर सके। सानिया युगल और मिश्रित युगल वर्ग में भी खेली थीं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
अमेरिकी ओपन के पुरुषों के एकल वर्ग का फाइनल पांच बार के चैंपियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर और अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोट्रो के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला रविवार को ही खेला जाना था लेकिन बारिश के कारण सभी खिताबी मुकाबले दो दिनों के लिए आगे बढ़ा दिए गए।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक अपने करियर के लगातार छठे खिताब के लिए प्रयासरत विश्व के सर्वोच्च वरीय खिलाड़ी फेडरर ने रविवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में विश्व के चौथे वरीय खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविक को पराजित किया।
फेडरर ने यह मैच 7-6 (7-3), 7-5, 7-5 से जीता। दूसरी ओर, पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने की राह में पोट्रो ने तीसरे वरीय खिलाड़ी स्पेन के राफेल नडाल को आसानी से 6-2, 6-2, 6-2 से पराजित किया।
पेट की मांसपेशियों में खिंचाव से परेशान नडाल ने मैच के बाद कहा, "मेरे लिए यह कठिन दिन रहा। पोट्रो ने अच्छा खेल दिखाया। वह मुझसे बहुत अच्छा खेले। पहले और दूसरे सेट में मेरे पास वापसी का मौका था लेकिन बाद में थकान और चोट मुझ पर हावी हो गई। मैं उन्हें जीत की बधाई देता हूं।"
नडाल ने एक महीने से पेट की मांसपेशी में आई खिंचाव की समस्या की जांच स्वेदश में कराने का फैसला किया है। सेमीफाइनल में मिली हार के बाद नडाल ने कहा कि वह स्वदेश जाकर यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि उनके पेट की चोट कितनी गंभीर है।
अर्जेटीना के पोट्रो के साथ रविवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान पेट की तकलीफ ने नडाल को काफी परेशान किया। इससे पहले के मैचों में भी वह इस समस्या से ग्रसित रहे थे।
इसी समस्या के कारण नडाल ने शुक्रवार से इजरायल के साथ खेले जाने वाले डेविस कप वर्ल्ड ग्रुप सेमीफाइनल मुकाबले से दूर रहने का फैसला किया है।
नडाल की पेट की तकलीफ एक महीना पुरानी है। मांट्रियल मास्टर्स में खेलते हुए उनकी यह परेशानी सामने आई थी। नडाल ने मांट्रियल मास्टर्स के माध्यम से तीन महीने के अंतराल के बाद टेनिस कोर्ट में वापसी की थी।
फेडरर अपने करियर के 16वें ग्रैंड स्लैम खिताब के लिए खेलेंगे जबकि पोट्रो ग्रैंड स्लैम में खाता खोलना चाहेंगे। इस सत्र में फेडरर पहले ही दो ग्रैंड स्लैम-विंबलडन और फ्रेंच ओपन जीत चुके हैं। फेडरर ने इस साल मई में पेरिस में पहली बार फ्रेंच ओपन खिताब जीता था।
पोट्रो किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाने वाले छठे अर्जेटीनी खिलाड़ी हैं। इससे पहले गुलिरेमो विलास, गुलिरेमो कोरिया, गास्टन गाउडियो, मैरियानो प्यूत्रा और डेविड नलबैंडियन फाइनल में पहुंच चुके हैं। विलास ने 1977 में अमेरिकी ओपन जीता था। उस समय यह टूर्नामेंट क्ले कोर्ट पर खेला जाता था।
इस सत्र में 48 जीत दर्ज कर चुके पोट्रो ने नडाल को हराने के बाद कहा, "यह मेरे करियर का अब तक का सबसे अच्छा मैच है।" पोट्रो इस सत्र में 11 मुकाबले हार चुके हैं लेकिन इस बार वह अपनी 49वीं जीत के साथ पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतना चाहेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।