उनके लिए सचिन का विकेट किस कदर अहमियत रखता है, उसकी एक बानगी उभरते गेंदबाज मोहम्मद आमेर ने भी दी। उनका कहना है कि उनकी हर कोशिश सचिन को आउट करने की होगी। आमेर भी उन लाखों पाकिस्तानियों में से एक हैं जिन्हें सचिन की बल्लेबाजी सुहाती है। यह बात अलग है कि वह इस महान बल्लेबाज को पेवेलियन की राह दिखाने के सुख का अनुभव करना चाहते हैं।
सिर्फ आमेर ही नहीं पाकिस्तानी क्रिकेटरों की एक लंबी जमात है जो सचिन की कायल है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद जाहिद ने एक क्रिकेट वेबसाइट को दिए साक्षात्कार में कहा, "अगर पाकिस्तान को भारतीय टीम को हराना है तो उसे सचिन का विकेट जल्द लेना होगा।"
पिछले दिनों एक भारतीय चैनल के कार्यक्रम में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम से पूछा गया कि अगर सचिन पाकिस्तान में होते तो क्या होता? इसके जवाब में अकरम ने कहा, "अगर सचिन हमारे मुल्क में होते तो हम कभी नहीं हारते..।"
पाकिस्तान के खिलाफ सचिन का प्रदर्शन शानदार रहा है और यही वजह है कि हर पाकिस्तानी गेंदबाज की नजर उनके विकेट पर होती है। अपने 20 साल के करियर में सचिन ने पाकिस्तान के खिलाफ 66 एकदिवसीय मैच खेले, जिनमें उन्होंने लगभग 40 की औसत से 2,381 रन बनाए हैं। भारत ने इन 66 मैचों में से 29 में पाकिस्तान को हराया, उनमें इस दिग्गज बल्लेबाज का प्रदर्शन और भी शानदार रहा।
इन 29 मैचों में सचिन ने 46.32 की बेहतरीन औसत से 1,158 रन बनाए। उल्लेखनीय है कि 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ ही सचिन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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