बाएं हाथ के इस प्रतिभावान बल्लेबाज ने कहा, "मैं पहले गुस्सा किया करता था। मुझमें धर्य की कमी भी थी। आज भी मेरे में धर्य की कमी है। मैं जो भी करने की ठानता हूं उसे तुरंत करना चाहता हूं।"
वेबसाइट 'क्रिकइंफो डॉट कॉम' को दिए साक्षात्कार में गंभीर ने कहा कि 2007 के विश्वकप के लिए टीम में उन्हें जगह नहीं मिली तो वह बहुत परेशान थे और उन्हें गुस्सा भी आया था। उन्होंने कहा, "मैं उस समय बहुत परेशान हुआ। मैंने नेट्स और जिम में और मेहनत शुरू की। मैं सो भी नहीं पाता था और वापसी के लिए पुरजोर कोशिश करने लगा था।"
उन्होंने कहा कि टीम में वापसी के बाद वह परेशान थे और तब उन्होंने सहवाग की मदद ली थी। गंभीर ने कहा, "मुझे याद है कि न्यूजीलैंड के दौरे पर नेपियर में मैं जेम्स फ्रैंकलिन (कीवी गेंदबाज)के सामने संघर्ष कर रहा था। उस दौरान सहवाग मेरे पास आए और मुझसे जो करने के लिए कहा, मैंने वही किया। यह मेरे लिए बेहतर रहा। मैं हमेशा उनकी मदद लेता हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।