टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम ने जीन पॉल डुमिनी (नाबाद 111), कप्तान ग्रीम स्मिथ (53), हरफनमौला जैक्स कैलिस (81) और विकेटकीपर बल्लेबाज मार्क बाउचर (नाबाद 31) की शानदार पारियों की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 331 रन बनाए।
स्मिथ ने 46 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और एक छक्का जड़ा जबकि पहले मैच में नहीं खेल सके कैलिस ने अपनी 105 गेंदों की आकर्षक पारी के दौरान आठ चौके और दो छक्के जड़े।
डुमिनी ने अपने करियर की पहली शतकीय पारी के दौरान 87 गेंदों का सामना कर नौ झन्नाटेदार चौके और दो छक्के लगाए। बाउचर ने 19 गेंदों पर दो चौकों और उतने ही छक्कों की मदद से तूफानी पारी खेली।
जवाब में खेलने उतरी जिंबाब्वे की टीम 34.3 ओवरो में 119 रन बनाकर पेवेलियन लौट गई। जिंबाब्वे की ओर से तातेंदा ताइबू ने सर्वाधिक 52 रन बनाए। इसके अलावा और कोई बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की बेहतरीन गेंदों के सामने टिक नहीं सका।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से चार्ल्स लेंगवेल्डट, एल्बी मोर्कल और रे वान डेर मर्व ने तीन-तीन विकेट झटके जबकि लोनाबो सोतसोबे को एक सफलता मिली।
डुमिनी को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया जबकि पहले मुकाबले में शतक लगाने वाले ताइबू 'मैन ऑफ द सीरीज' बने। इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने दो मैचों की श्रृंखला 2-0 से जीत ली। उसने बेनोनी में खेले गए पहले मुकाबले में जिंबाब्वे को 45 रनों से हराया था।
एकदिवसीय मैचों में रनों के लिहाज से दक्षिण अफ्रीका की यह दूसरे सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उसने 16 मार्च, 2007 को बासेटरे में खेले गए विश्व कप मुकाबले में हॉलैंड को 221 रनों के विशाल अंतर से पराजित किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।