एक पत्रिका ने दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन अल कायदा के प्रमुख ओसामा की चौथी संतान उमर बिन लादेन द्वारा दिए गए एक साक्षात्कार के माध्यम से इस बात का खुलासा किया है।
साक्षात्कार के माध्यम से उमर ने खुलासा किया है कि उसके पिता ओसामा की इच्छा थी कि वह उसके नक्शे-कदम पर चलते हुए हथियार थाम ले लेकिन यह बात उसके गले नहीं उतरी और उसने अपने पिता से अप्रैल, 2001 में संबंध तोड़ लिए।
राजनीति से नाता जोड़ने के सवाल पर उमर ने कहा, "मैं नहीं मानता कि मेरे अंदर अच्छा राजनेता बनने के गुण हैं। मुझमें सच बोलने की आदत है और इसके कारण मैं राजनीति की दुनिया में ज्यादा दिन नहीं टिक सकता। इससे अलग मैं शांति स्थापना के क्षेत्र में काम करना चाहता हूं। इसके लिए मेरी नजर में संयुक्त राष्ट्र के साथ जुड़ना मेरे लिए सबसे अच्छा रहेगा।"
उमर ने बताया कि उसके पिता ओसामा ने अपनी सभी संतानों को हथियार थामने की सलाह दी थी। बकौल उमर, "मेरे पिता ने सिर्फ एक बार मुझसे हथियार थामने को कहा था।"
उमर ने हालांकि यह भी कहा कि उसके पिता ने कभी भी उसे अल कायदा में शामिल होने के लिए नहीं कहा। उमर ने कहा, "मेरे पिता ने मुझसे यह कभी नहीं कहा कि हम (ओसामा के पुत्र) अल कायदा में शामिल हो जाएं। वह हमसे कहा करते हैं कि हमारा जन्म उनके काम को आगे बढ़ाने के लिए हुआ है लेकिन जब मैंने उनसे कहा कि मैं हिंसा की राह पर नहीं चल सकता, तब उन्हें काफी निराशा हुई थी।"
उमर ने यह बातें अपनी नई पुस्तक 'ग्रोइंग अप बिन लादेन : ओसामाज वाइफ एंड सन टेक अस इनसाइड देयर सिक्रेट वर्ल्ड' में लिखी हैं। इस पुस्तक को लिखने में उमर की मां नाजवा और लेखक जीन सैशन ने उमर की मदद की है। यह पुस्तक इस महीने के अंत में प्रकाशित होने वाली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।