जालंधर, 20 नवंबर (आईएएनएस)। वर्ल्ड वाइड इंटरटेंमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) चैम्पियन बनकर देश का नाम रोशन करने वाले दिलीप सिंह राणा ऊर्फ 'महाबलि खली' ने सहायक पुलिस निरीक्षक पद (एएसआई) से अपने निलंबन के खिलाफ पंजाब पुलिस के साथ 'दो-दो हाथ' करने का मन बना लिया है।
खली को बिना सूचना के लंबे समय तक अवकाश पर रहने के कारण गुरुवार को निलंबित कर दिया गया। पंजाब पुलिस ने इस मामले की विभागीय जांच कराने का भी फैसला किया है।
खली की नियुक्ति जालंधर स्थित पंजाब आम्र्ड पुलिस (पीएपी) की सातवीं बटालियन में हुई थी। खली ने माना है कि वह पंजाब पुलिस के साथ अपनी लड़ाई में पहला दौर बेशक हार गए हैं लेकिन उनकी लड़ाई जारी रहेगी और आखिरकार जीत उन्हीं की होगी।
पीएपी की सातवीं बटालियन के कमांडर अरुण पाल सिंह ने कहा, "खली का चिकित्सकीय अवकाश दिसंबर 2008 में समाप्त हो गया था लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपनी बटालियन को संपर्क नहीं किया। खली ने इस बीच और पांच साल के अवकाश की अर्जी दी लेकिन उसे नकार दिया गया। वह लंबे समय तक बिना सूचना के अवकाश पर रहे, लिहाजा उनके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं।"
दूसरी ओर, डब्ल्यूडब्ल्यूई के दिग्गज 'अंडरटेकर' सहित कई प्रमुख पहलवानों को परास्त कर चुके खली ने अपनी लड़ाई जारी रखने का फैसला किया है। खली ने कहा, "देखते जाइए कि क्या होता है। मैं निलंबन और विभागीय जांच के खिलाफ लड़ाई जारी रखूंगा। मैं इसे लेकर चिंतित नहीं हूं।"
वर्ष 1993 में पीएपी के साथ जुड़ने वाले खली को एएसआई की नौकरी के लिए पंजाब पुलिस की ओर से 14,000 रुपये वेतन मिलता है। एक समय उनके लिए यह बड़ी रकम थी लेकिन आज की तारीख में उनके लिए यह रकम कौड़ी का मोल रखती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।