तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मेहमान टीम ने चार विकेट के नुकसान पर 57 रन बना लिए थे। थिलन समरवीरा एक और एंजेलो मैथ्यूज दो रन बनाकर नाबाद लौटे। दूसरी पारी में भारत के लिए शांताकुमारन श्रीसंत, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग ने एक-एक विकेट चटकाया। एक खिलाड़ी रन आउट हुआ है। श्रीसंत ने इस मैच में अब तक छह विकेट झटके हैं।
बहरहाल, तीसरे दिन के अंतिम सत्र में श्रीलंकाई टीम को चौथा झटका 54 रन के कुल योग पर लगा, जब कप्तान कुमार संगकारा 11 रन बनाकर हरभजन की गेंद पर आउट हुए। इससे ठीक पहले उसने माहेला जयवर्धने के रूप में अपना तीसरा विकेट गंवाया था।
पहली पारी में 47 रन बनाने वाले माहेला इस पारी में सिर्फ 10 रन बना सके। वह युवराज सिंह के थ्रो पर कप्तान महेंद्र सिंह धौनी द्वारा रन आउट किए गए। मेहमान टीम को दूसरा झटका सलामी बल्लेबाज थरंगा परानाविताना (20) के रूप में लगा। यह विकेट सहवाग के खाते में गया। परानाविताना 47 रन के कुल योग पर आउट हुए।
मेहमान टीम ने 13 रन के कुल योग पर पहला विकेट गंवाया था। अपनी पहली पारी में 229 रन बनाने वाली मेहमान टीम ने इस योग पर तिलकरत्ने दिलशान (11) का विकेट गंवाया। पहली पारी में दिलशान शून्य पर विदा हुए थे। यह विकेट श्रीसंत को मिला।
इससे पहले, लगभग एक वर्ष के अंतराल के बाद टीम में वापसी करने वाले केरल के तेज गेंदबाज श्रीसंत की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंकाई टीम की पहली पारी 229 रनों पर समेट दी। इस तरह श्रीलंकाई टीम भारत के पहली पारी के स्कोर से 413 रन पीछे रह गई। नतीजा हुआ कि श्रीलंकाई टीम को फॉलोऑन खेलने के लिए उतरना पड़ा।
भारतीय टीम की ओर से श्रीसंत ने पहली पारी में पांच विकेट लिए जबकि लेग स्पिनर प्रज्ञान ओझा और हरभजन ने दो-दो सफलताएं अर्जित कीं। जहीर खान को एक विकेट मिला। श्रीलंका की ओर से पहली पारी में परानाविताना ने 38, कप्तान संगकारा ने 44, माहेला ने 47 और प्रसन्ना जयवर्धने ने 39 रन बनाए थे।
भारतीय टीम ने सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (167), राहुल द्रविड़ (144), सहवाग (131), युवराज (67) और वी.वी.एस. लक्ष्मण (63) की शानदार पारियों की बदौलत अपनी पहली पारी में 642 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर ने भी 40 रनों का योगदान दिया था। श्रीलंका की ओर से स्पिन गेंदबाज रंगना हेराथ ने सर्वाधिक पांच विकेट लिए थे।
पहले और दूसरे दिन बल्लेबाजों को मदद पहुंचाने वाली ग्रीन पार्क की पिच ने तीसरे दिन पैंतरा बदला और यह अचानक गेंदबाजों की चहेती बन गई। इसका फायदा उठाकर श्रीसंत ने एक-एक करके पांच विकेट अपने नाम किए और यह साबित कर दिया कि अनुशासनहीनता को लेकर पिछले दिनों फटकार लगाए जाने के बावजूद वह भारत के लिए बेहद उपयोगी गेंदबाज हैं।
श्रीलंकाई टीम ने जब तीसरे दिन एक विकेट के नुकसान पर 66 रन से आगे खेलना शुरू किया, तब नाबाद लौटे बल्लेबाज परानाविताना और कप्तान संगकारा पर पारी को संवारने तथा कम से कम पहला सत्र बिना किसी नुकसान के निकालने की जिम्मेदारी थी।
खेल के शुरुआती क्षणों में दोनों बल्लेबाज इस काम में काफी हद तक सफल होते दिखे लेकिन 82 रन के कुल योग पर परानाविताना के पेवेलियन लौटते ही पासा पलट गया। यह विकेट श्रीसंत के खाते में गया। इसके बाद तो मानो भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को फॉलोऑन कराने की कसम खा ली। इस काम में ओझा और हरभजन ने उनकी भरपूर सहायता की।
परानाविताना 38 और संगकारा 44 रन बनाकर श्रीसंत का शिकार बने। इसके बाद श्रीसंत ने थिलान समरवीरा को भी पेवेलियन की राह दिखा दी। समरवीरा ने दो रन बनाए। एंजेलो मैथ्यूज भी 13 रनों के निजी स्कोर पर हरभजन गेंद पर आउट हुए।
भोजनकाल के बाद श्रीसंत ने श्रीलंकाई टीम को आठवां झटका दिया। रंगना हेराथ (6) को बोल्ड करके श्रीसंत ने मैच में पांचवीं सफलता हासिल की। रंगना के पेवेलियन लौटने से ठीक पहले ओझा ने माहेला जयवर्धने का विकेट चटकाया था। यह ओझा के टेस्ट करियर का पहला विकेट था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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