दिन की समाप्ति तक एंजेलो मैथ्यूज 119 गेंदों पर 13 चौकों की मदद से 86 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि मुथैया मुरलीधरन ने खाता नहीं खोला है। भारतीय टीम की ओर से हरभजन सिंह ने चार, प्रज्ञान ओझा ने दो और शांताकुमारन श्रीसंत तथा जहीर खान ने एक-एक सफलता हासिल की है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेहमान टीम की शुरुआत अच्छी रही। थरंगा परानाविताना और तिलकरत्ने दिलशान की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़े। पहले विकेट के रूप में पेवेलियन लौटने वाले परानाविताना ने 81 गेंदों का सामना करते हुए सात चौकों की मदद से 53 रन बनाए। उनका विकेट हरभजन के खाते में गया।
दिलशान एक छोर पर टिके हुए थे लेकिन दूसरे छोर पर श्रीलंका को नुकसान होता रहा। कप्तान कुमार संगकारा 18 रन बनाने के बाद 128 रनों के कुल योग पर ओझा के शिकार बने। ओझा ने उन्हें अपनी फिरकी में फंसाकर कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के हाथों विकेट के पीछे लपकवा दिया।
इसके बाद दिलशान और माहेला जयवर्धने (29) ने तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़ते हुए कुल योग को 187 तक पहुंचा दिया। इसी बीच दिलशान ने 57 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। 187 के कुल योग पर जयवर्धने को श्रीसंत ने वीरेंद्र सहवाग के हाथों कैच कराकर श्रीलंका को तीसरा झटका दिया।
जयवर्धने की निराशाजनक विदाई के बाद थिलन समरवीरा भी ज्यादा देर नहीं टिक सके और 188 रनों के कुल योग पर हरभजन के शिकार बने। उनका कैच मुरली विजय ने लपका।
इसके बाद दिलशान और मैथ्यूज ने संभलकर खेलते हुए चौथे विकेट के लिए उपयोगी 72 रन जोड़े। इसी बीच दिलशान ने अपने करियर का 11वां शतक लगाया। इसके लिए उन्होंने 139 गेंदों का सामना किया।
शतक पूरा करने के बाद दिलशान अपना आत्मसंयम खो बैठे और 109 रन के व्यक्तिगत योग पर हरभजन की गेंद पर विजय के हाथों कैच किए गए। दिलशान ने 160 गेंदों की अपनी उपयोगी पारी के दौरान 11 चौके और दो छक्के लगाए। यह विकेट 262 रन के कुल योग पर गिरा।
दिलशान की विदाई श्रीलंका के लिए बड़ा झटका साबित हुई लेकिन मैथ्यूज ने प्रसन्ना जयवर्धने के साथ मिलकर अपनी टीम को इस झटके से उबारने का भरपूर प्रयास किया। मैथ्यूज ने 43 रन बनाने वाले प्रसन्ना के साथ छठे विकेट के लिए 67 रन जोड़े। प्रसन्ना 329 के कुल योग पर ओझा के हाथों आउट किए गए।
इसके बाद श्रीलंका को एक के बाद एक दो झटके लगे लेकिन मैथ्यूज एक छोर संभाले रहे। चायकाल के बाद के सत्र के दौरान उनका साथ देने आए नुवान कुलसेकरा (12) और रंगना हेराथ (1) ने निराश किया।
ब्रेबॉर्न स्टेडियम में 36 साल के अंतराल के बाद खेले जा रहे इस मैच के लिए श्रीलंकाई टीम ने एक परिवर्तन किया जबकि भारतीय टीम में गौतम गंभीर की जगह मुरली विजय को मौका दिया गया। श्रीलंकाई टीम में नुवान कुलसेकरा को शामिल किया गया। कुलसेकरा के लिए असंथा मेंडिस ने स्थान खाली किया।
कानपुर में खेले गए श्रृंखला के दूसरे मैच में पारी और 144 रनों से जीत हासिल भारतीय क्रिकेट टीम श्रृंखला में 1-0 से आगे है। अहमदाबाद में खेला गया पहला टेस्ट मैच बराबरी पर छूटा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।