भारतीय टीम ने 221 रन के कुल योग पर अपना पहला विकेट गंवाया। सलामी बल्लेबाज मुरली विजय 87 रन के व्यक्तिगत योग पर रंगना हेराथ द्वारा आउट कर दिए गए। गौतम गंभीर की अनुपस्थिति में टीम में जगह पाने वाले मुरली ने अपनी प्रतिभा के साथ पूरा न्याय किया और 121 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और एक छक्का लगाया।
खबर लिखे जाने तक सहवाग ने 131 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौकों और पांच छक्कों की मदद से 151 रन बनाए थे जबकि राहुल द्रविड़ ने 20 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 17 रन बनाकर खेल रहे थे। श्रीलंका के पहली पारी के स्कोर 393 रन की तुलना में भारतीय टीम अभी 133 रन पीछे है जबकि उसके नौ विकेट सुरक्षित हैं।
सहवाग ने 101 गेंदों पर 13 चौकों और तीन छक्कों की मदद से अपने करियर का 17वां शतक पूरा किया। इस पारी में 45 रन बनाने के साथ सहवाग ने टेस्ट मैचों में 6000 रनों का आंकड़ा भी पार कर लिया। सहवाग ने यह आंकड़ा छूने के लिए 72वें टेस्ट मैच की 123वीं पारी तक का समय लिया।
सहवाग के खाते में 19 अर्धशतक भी दर्ज हैं। वह टेस्ट मैचो में दो तिहरे शतक लगाने वाले भारत के एकमात्र बल्लेबाज हैं। इस श्रृंखला में यह उनका दूसरा शतक है। इससे पहले उन्होंने कानपुर में 131 रन बनाए थे।
टेस्ट मैचों में छह हजार या उससे अधिक रन बनाने वाले वह विश्व के 50वें और भारत के नौवें बल्लेबाज हैं। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर ने 12917, राहुल द्रविड़ ने 11182, सुनील गावस्कर ने 10122, सौरव गांगुली ने 7212, दिलीप वेंगसरकर ने 6868, वी.वी.एस. लक्ष्मण ने 6855, मोहम्मद अजहरूद्दीन ने 6212 और गुंडप्पा विश्वनाथ ने 6080 रन बनाए हैं।
इससे पहले, श्रीलंका की पहली पारी 393 रनों पर सिमट गई। एंजेलो मैथ्यूज शतक से चूक गए और 99 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए। पहले दिन के स्कोर आठ विकेट पर 366 रनों से आगे खेलते हुए मैथ्यूज ने अपनी टीम का स्कोर 400 रनों के पार ले जाने की भरपूर कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। खेल के पहले सत्र में ही मैथ्यूज और चनाका वेलेगेदारा के रूप में श्रीलंका के शेष दो विकेट भी गिर गए। दूसरे दिन श्रीलंकाई टीम महज 27 रन ही जोड़ सकी।
पहले दिन हरभजन सिंह की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम मेहमानों पर कुछ हद तक अंकुश लगाने में सफल रही थी। परंतु तिलकरत्ने दिलशान ने शतक लगाकर अपनी टीम को सम्मानजक स्थिति में पहुंचा दिया था।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली श्रीलंकाई टीम के सलामी बल्लेबाजों दिलशान और परानाविताना ने संभलकर शुरुआत की थी। पहले विकेट के लिए दोनों ने 93 रनों की बेहतरीन साझेदारी की थी।
दिलशान ने 109 रन बनाए थे। उनके करियर का यह 11वां शतक है। परानाविताना ने भी 53 रनों का योगदान दिया था। भारत की ओर से हरभजन ने चार और प्रज्ञान ओझा ने तीन विकेट झटके। जहीर खान और एस. श्रीसंत को भी एक-एक विकेट मिला।
गौरतलब है कि कानपुर में खेले गए श्रृंखला के दूसरे मैच में पारी और 144 रनों से जीत हासिल कर भारतीय क्रिकेट टीम श्रृंखला में 1-0 से आगे है। अहमदाबाद में खेला गया पहला मैच ड्रा रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।