खबर लिखे जाने तक मेहमान टीम ने 13 ओवरों की समाप्ति तक एक विकेट के नुकसान पर 116 रन बना लिए थे। सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान 32 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 32 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि संगकारा ने 21 गेंदों का सामना करते हुए छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 51 रन बनाए थे। यह उनका चौथा अर्धशतक है।
इससे पहले, अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल रहे पश्चिम बंगाल के तेज गेंदबाज अशोक ढींढा ने भारतीय क्रिकेट टीम को पहली सफलता दिलाई है। ढींढा ने सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या को पेवेलियन की राह दिखाई।
जयसूर्या का विकेट 43 रन के कुल योग पर गिरा। जयसूर्या ने 20 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौकों की मदद से 26 रन बनाए। ईशांत शर्मा की गेंद पर युवराज सिंह द्वारा जीवनदान दिए जाने के बाद उन्होंने आशीष नेहरा के एक ही ओवर में चार चौके लगाए।
भारतीय टीम ने इस मैच के जरिए तेज गेंदबाज नेहरा और ढींढा को अपना पहला ट्वेंटी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने का मौका दिया है जबकि श्रीलंका की ओर से चिंतका जयसिंघे और मुथुमुदालिंगे पुष्पकुमार पहला ट्वेंटी-20 मैच खेल रहे हैं।
श्रीलंका विश्व कप का मौजूदा उपविजेता है जबकि भारत ने एक बार विश्व चैम्पियनशिप जीती है। दोनों टीमों के कई प्रमुख खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग के दो संस्करणों के दौरान एक साथ खेल चुके हैं। ऐसे में रणनीति के लिहाज से यह मैच दोनों टीमों के लिए एक चुनौती की तरह होगा।
दो मैचों की ट्वेंटी-20 श्रृंखला को जीतकर श्रीलंकाई टीम जहां टेस्ट मैचों में मिली हार के गम को कम करना चाहेगी वहीं भारतीय टीम इन दो मैचों को जीतकर आने वाली पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए कमर कसना चाहेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।