सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग 14 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाकर नुवान कुलसेकरा की गेंद पर एंजेलो मैथ्यूज के हाथों लपके गए। भारत का यह विकेट 32 रन के कुल योग पर गिरा।
खबर लिखे जाने तक भारतीय टीम ने तीन ओवरों की समाप्ति तक एक विकेट खोकर 32 रन बना लिए थे। गौतम गंभीर तीन गेंदों पर एक चौके की मदद से पांच रन बनाकर खेल रहे थे जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने खाता नहीं खोला था।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेहमान टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 215 रन बनाए। श्रीलंका की ओर से कप्तान कुमार संगकारा ने सर्वाधिक 78 रन बनाए जबकि चमारा कापूगेदेरा ने 47, तिलकरत्ने दिलशान ने 34 और सनथ जयसूर्या ने 26 रनों का योगदान दिया।
संगकारा ने अपनी 37 गेंदों की पारी के दौरान 11 चौके और दो छक्के लगाए। कापेगेदेरा ने मात्र 20 गेंदों पर सात चौके और एक छक्का जड़ा। दिलशान ने 33 गेंदों पर पांच और जयसूर्या ने 20 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
दिलशान और जयसूर्या ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़े। इसके बाद दिलशान और कप्तान ने दूसरे विकेट के लिए मात्र 6.1 ओवरों में 74 रन जोड़ डाले। माहेला जयवर्धने (9) ने निराश किया लेकिन इसके बाद संगरारा ने कापूगेदेरा के साथ एक बार फिर बेशकीमती साझेदारी निभाई और चौथे विकेट के लिए 5.3 तीन ओवरों में 69 रन जोड़ डाले।
पारी की अंतिम गेंद पर रन आउट होने से पहले मेहमान कप्तान ने एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 15) के साथ एक ओवर में 20 रन बनाए। मैथ्यूज ने चार गेंदों का सामना करते हुए दो छक्के लगाए।
भारत की ओर से अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय ट्वेंटी-20 मैच खेल रहे आशीष नेहरा और बंगाल के तेज गेंदबाज अशोक ढींढा, रोहित शर्मा तथा यूसुफ पठान ने एक-एक सफलता हासिल की।
भारत की गेंदबाजी बिल्कुल ढीली रही। नेहरा ने जहां अपने चार ओवर के कोटे में 52 रन लुटाए वहीं ढींढा ने तीन ओवरों में 34 रन लुटाए। पठान ने चार ओवरों में 54 रन दिए। प्रज्ञान ओझा के दो ओवरों में 27 रन बने। ईशांत शर्मा ने अच्छी गेंदबाजी करते हुए चार ओवरों में सिर्फ 22 रन दिए।
भारतीय टीम ने इस मैच के जरिए तेज गेंदबाज नेहरा और ढींढा को अपना पहला ट्वेंटी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने का मौका दिया है जबकि श्रीलंका की ओर से चिंतका जयसिंघे और मुथुमुदालिंगे पुष्पकुमार पहला ट्वेंटी-20 मैच खेल रहे हैं।
श्रीलंका विश्व कप का मौजूदा उपविजेता है जबकि भारत ने एक बार विश्व चैम्पियनशिप जीती है। दोनों टीमों के कई प्रमुख खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग के दो संस्करणों के दौरान एक साथ खेल चुके हैं।
दो मैचों की ट्वेंटी-20 श्रृंखला को जीतकर श्रीलंकाई टीम जहां टेस्ट मैचों में मिली हार के गम को कम करना चाहेगी वहीं भारतीय टीम इन दो मैचों को जीतकर आने वाली पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए कमर कसना चाहेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।