भारतीय टीम के लिए वी. रघुनाथ ने 35वें, गुरबाज सिंह ने 54वें और धनंजय महाधिक ने 69वें मिनट में गोल किया। मध्यांतर से पहले तक भारतीय टीम 0-2 से पिछड़ रही थी।
सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के हाथों मिली हार के बाद भारतीय टीम का अगले वर्ष जर्मनी में खेली जाने वाली प्रतिष्ठित चैम्पियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने का ख्वाब अधूरा रह गया लेकिन तीसरा स्थान हासिल कर इस टीम ने काफी हद तक अपने गम को कम किया।
इससे पहले, न्यूजीलैंड ने खिताबी मुकाबले में पाकिस्तान को पराजित करके स्वर्ण पदक हासिल किया। कीवी टीम ने यह मैच 4-2 से जीता।
मध्यांतर तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं लेकिन दूसरे हॉफ में पाकिस्तानी टीम दबाव में आ गई और उसे मैच गवांना पड़ा।
मैच का पहला गोल पाकिस्तान की ओर से सोहेल अब्बास ने किया लेकिन मध्यांतर के बाद अब्बास और पाकिस्तान के दूसरे प्रमुख खिलाड़ियों की चूक टीम के लिए भारी पड़ी।
पाकिस्तानी टीम को मध्यांतर के बाद पांच पेनेल्टी कॉनर मिले लेकिन अब्बास और उनके साथी खिलाड़ी इन्हें गोल में तब्दील करने में नाकाम रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*